Asha Bhosle Funeral time And Place: आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है। आज वह पंचतत्व में विलीन होंगी। उनके अंतिम दर्शन के लिए आम जनता भी आ सकती है। आइये जानते हैं कब, कहां और किस समय उनके दर्शन कर पाएंगे लोग…
Asha Bhosle Last Rites Funeral: भारतीय संगीत की 'आशा' अब हमेशा के लिए मौन हो गई हैं। रविवार, 12 अप्रैल 2026 को 92 साल की उम्र में सुरों की रानी आशा भोसले के मल्टीपल ऑर्गन फेल होने से निधन हो गया। उनके जाने की खबर ने न केवल उनके परिवार को, बल्कि पूरे देश को गहर गम में डूबो दिया है। जैसे ही रविवार को ये खबर आई हर कोई हैरान रह गया। लोग अपनी फेवरेट सिंगर को याद करने लगे। अब आज यानी सोमवार को उनका अंतिम संस्कार होगा। आम जनता भी उनके दर्शन कर पाएगी। आइये जानते हैं कब और कहां होंगे ये दर्शन...
आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने जानकारी दी कि सोमवार सुबह 10:30 से दोपहर 2 बजे तक कासा ग्रैंड लोवर बिल्डिंग में लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। शाम 4 बजे राजकीय सम्मान के साथ उनका शिवाजी पार्क में अंतिम संस्कार किया जाएगा। आशा भोसले की बहन और स्वर कोकिला लता मंगेशकर का अंतिम संस्कार भी इसी पार्क में किया गया था। उस दौरान उन्हें भी पूरे राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई थी।
आशा जी अपनी गायकी के साथ-साथ अपने व्यवहार के लिए भी जानी जाती थीं। उनके घर 'कासा ग्रैंड' पर तैनात एक सुरक्षाकर्मी ने नम आंखों से 'मिड-डे' को बताया कि वह अंतिम समय तक वैसी ही थीं जैसी सालों पहले थीं। उसने बताया, "अभी कुछ ही दिन पहले की बात है, वह देर रात घर लौटी थीं। उम्र और कमजोरी की वजह से वह थोड़ी अस्वस्थ लग रही थीं, लेकिन जैसे ही मैंने गाड़ी का दरवाजा खोला, उन्होंने अपनी चिरपरिचित मुस्कान के साथ मुझसे पूछा- 'बेटा, तुम्हारा दिन कैसा बीता?'"
सुरक्षाकर्मी ने भावुक होते हुए कहा कि 92 साल की उम्र में भी उनकी गरिमा और दूसरों के लिए प्यार कम नहीं हुआ था। उसने यह संतोष भी जताया कि ताई को ज्यादा समय तक बिस्तर पर रहकर कष्ट नहीं झेलना पड़ा।
लोअर परेल में उनके घर के ठीक सामने पान की दुकान चलाने वाले जगदीश चौरसिया भी आज अपनी दुकान मंगल करके वहां खड़े थे। जगदीश ने बताया, "मैं दिन-रात उन्हीं के गाने सुनता हूं। उन्होंने जो विरासत छोड़ी है, वह कोई छोटी बात नहीं है। हम आम लोगों को शायद मरने के बाद परिवार ही याद रखे, लेकिन आशा जी को यह पूरा देश और आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी।"
आज मुंबई की सड़कें शांत हैं, लेकिन हर दिल में आशा जी के वो सुपरहिट गाने गूंज रहे हैं जिन्होंने दशकों तक हमें गुनगुनाने पर मजबूर किया। संगीत का एक सुनहरा अध्याय आज हमेशा के लिए बंद हो गया है, लेकिन उनकी आवाज की खनक हमेशा हमारे बीच जिंदा रहेगी।