
Rajpal Yadav’s Tihar Jail case: फिल्मों के पर्दे पर जिस राजपाल यादव को देखकर लोगों की हंसी नहीं रुकती, हकीकत में आज उनकी जिंदगी के पन्नों पर बेबसी और आंसुओं की कहानी लिखी जा रही है। अपनी बेमिसाल कॉमिक टाइमिंग के लिए मशहूर राजपाल यादव इस समय चर्चा में हैं, लेकिन किसी फिल्म के लिए नहीं, बल्कि 9 साल पुराने एक चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल जाने की वजह से, लेकिन उनका जेल जाना पहली बार नहीं हैं। वह उससे पहले भी 2 बार जेल जा चुके हैं और कारागार में रातें बिता चुके हैं। आइये जानते है वो कौन-से केस थे जिसकी वजह से वह जेल पहुंचे थे...
साल 2013 में भी 'धोखाधड़ी' के एक मामले में उन्हें 10 दिन की सजा सुनाई गई थी, जिसमें से उन्होंने 4 दिन जेल में काटे थे। उस वक्त कोर्ट ने उनके द्वारा दाखिल किए गए एक हलफनामे पर सख्त ऐतराज जताया था, जिसमें कथित तौर पर उनकी पत्नी राधा के फर्जी हस्ताक्षर थे। इसके बाद, साल 2018 में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से लिए गए 5 करोड़ के एक अन्य लोन की किस्त न चुका पाने के कारण उन्हें 3 महीने की जेल की सजा भी काटनी पड़ी थी।
लल्लनटॉप को दिए पुराने इंटरव्यू में राजपाल यादव ने जेल में कटे अपने दिनों को लेकर बात की थी। उनका कहना था कि वह हर कंडीशन में रहना जानते हैं। जेल के अंदर सबका बिहेवियर उनके साथ अच्छा था। चाहे कोर्ट हो या जेल, सब मेरे साथ अच्छे से थे। सब अपने-अपने डिसिप्लेन में थे। हमें एक्टिंग आती थी तो वर्कशॉप करने लग गए थे" उसके बाद वह बरी हो गए थे।
वहीं, इस बार जो वह जेल गए हैं उसकी शुरुआत साल 2010 में ही हो गई थी। उस समय उन्होंने एक्टिंग के साथ-साथ निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखने का फैसला किया था। अपनी पहली फिल्म 'अता-पता लापता' बनाने के जुनून में उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। फिल्म जैसे-तैसे बनकर 2012 में रिलीज तो हुई, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर ऐसी पिटी कि राजपाल कभी उस कर्ज से उबर ही नहीं पाए। कर्ज न चुका पाने पर कंपनी ने उन पर केस कर दिया, जो सालों तक खिंचता चला गया और नौबत यहां तक आ गई कि उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा और जेल जाना पड़ा।