Vikrant Massey: विक्रांत मैसी के एक फैसले से हर कोई हैरान रह गया था। जब खबर आई थी कि उन्होंने अपने बेटे के बर्थ सर्टिफिकेट में धर्म का कॉलम खाली छोड़ा था। ऐसा उन्होंने क्यों किया? क्या कोई दबाव था या ये उनका खुद का फैसला था? अब लगभग 2 साल बाद खुद विक्रांत ने बड़ा खुलासा किया है।
Vikrant Massey Son Religion: अपनी सादगी और बेहतरीन अदाकारी के लिए जाने जाने वाले एक्टर विक्रांत मैसी इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा अपनी पर्सनल लाइफ और अपनी एक अलग सोच को लेकर सुर्खियों में हैं। '12वीं फेल' जैसी फिल्मों से लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले विक्रांत ने अपनी पेरेंटिंग यानी परवरिश पर एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने समाज में एक नई बहस छेड़ दी है। विक्रांत और उनकी पत्नी शीतल ठाकुर ने अपने बेटे 'वरदान' की पहचान को किसी खास दायरे में न बांधने का एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने जो फैसला लिया उसे सुनकर खुद उनके फैंस हैरान रह गए।
हाल ही में विक्रांत मैसी ने टाइम्स नाउ से खास बातचीत की। इस दौरान विक्रांत ने बेटे वरदान के जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) में धर्म वाला कॉलम जानबूझकर खाली छोड़ दिया है। इसका उन्होंने बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा धर्म किसी पर थोपा नहीं जाना चाहिए। आज सरकार मुझे यह आजादी देती है कि मैं धर्म लिखूं या न लिखूं। यह मेरा अधिकार है और मैं इसका इस्तेमाल कर रहा हूं।" विक्रांत चाहते हैं कि उनका बेटा जब बड़ा हो, तो वह खुद अपनी समझ से यह तय करे कि वह किस रास्ते पर चलना चाहता है।
विक्रांत ने अपनी इस सोच के पीछे की वजह अपने पारिवारिक बैकग्राउंड को बताया है। वे एक ऐसे माहौल में पले-बढ़े हैं जहां अलग-अलग संस्कृतियों का मेल रहा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी जिंदगी में धार्मिक मतभेदों का डार्क साइड भी देखा है। यही वजह है कि वह अपने बेटे को बचपन से ही इन सब चीजों से दूर रखना चाहते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह आज सिंगल महिलाओं के लिए पासपोर्ट में पति का नाम लिखना जरूरी नहीं है, वैसे ही पहचान से जुड़े नियमों में बदलाव आ रहा है और वह इसी बदलाव का हिस्सा बनना चाहते हैं।
सिर्फ धर्म ही नहीं, बल्कि रिश्तों को लेकर भी विक्रांत की सोच काफी अलग है। कुछ समय पहले करवा चौथ पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें विक्रांत अपनी पत्नी शीतल के पैर छूते नजर आए थे। इस पर बात करते हुए उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, "इसमें कुछ भी अजीब नहीं है। यह सम्मान दिखाने का मेरा तरीका है। आखिर पैर छू-छूकर ही तो लक्ष्मी घर आई है।" उन्होंने बताया कि वह अक्सर शीतल के पैर छूते हैं क्योंकि वह आपसी सम्मान में विश्वास रखते हैं।
विक्रांत और शीतल ने साल 2022 में हिमाचल प्रदेश में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शादी की थी। प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो विक्रांत जल्द ही विशाल भारद्वाज की फिल्म 'ओ रोमियो' में नजर आएंगे। अपनी सधी हुई एक्टिंग के साथ-साथ विक्रांत अपनी इस आधुनिक सोच से भी आज के लोगों के लिए एक मिसाल पेश कर रहे हैं।