
Bulandshahr News: बिहार के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर चप्पल फेंकने के मामले में गिरफ्तार हुए बुलंदशहर के दोनों आरोपियों का जमानत पर रिहा होने के बाद जोरदार स्वागत किया गया। शुक्रवार को जेल से बाहर आने के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दोनों पर फूल बरसाए और मालाएं पहनाईं। इसके बाद खुली जीप में करीब 7 किलोमीटर लंबा रोड शो निकाला गया। सुमित गिरी और हैप्पी शर्मा दोनों ने रोड शो के दौरान 'जय श्रीराम' के नारे लगाए। ढोल-नगाड़ों के साथ हुए स्वागत में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए।
जमानत पर रिहा होने के बाद सुमित गिरी और हैप्पी शर्मा के समर्थकों ने जिला मुख्यालय से नैथला गांव तक करीब 7 किलोमीटर लंबा रोड शो निकाला। सुमित गिरी और हैप्पी शर्मा जय श्री राम के नारे लगाते हुए अपने घर पहुंचे। वहां ढोल-नगाड़ों के बीच भाजपा जिलाध्यक्ष विकास चौहान और पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं ने दोनों को मालाएं पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। बारिश में भीगते हुए समर्थकों ने डांस भी किया। घर पहुंचने पर परिवार वालों ने दोनों को गले लगा लिया। बता दें कि सुमित भाजपा का नगर मंत्री है और हैप्पी मंडल महामंत्री के पद पर है।
दरअसल सांसद पप्पू यादव ने 31 जुलाई को संसद परिसर में साधु के वेश में 'राम मंदिर चंदा चोरी' का एक नाटक किया था। इस नाटक के बाद लखनऊ समेत देश के कई शहरों में उनके खिलाफ हिंदू संगठनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। इसी बीच 2 अगस्त को बुलंदशहर के रहने वाले सुमित ने अपने साथी हैप्पी के साथ मिलकर दिल्ली में पप्पू यादव की प्रेस-कॉन्फ्रेंस के दौरान उन पर चप्पल से हमला कर दिया था। उस दौरान पप्पू यादव ने सुमित को पकड़ लिया था जबकि उनके समर्थकों ने हैप्पी की जमकर पिटाई कर दी थी और फिर दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में सुमित गिरी और हैप्पी शर्मा को गिरफ्तार किया था। दोनों पर सांसद के साथ मारपीट और हमला करने के आरोप लगे थे।
हमले के बाद सुमित गिरी और उनके साथी हैप्पी शर्मा ने आरोप लगाया था कि जब उन्होंने करोड़ों हिंदुओं के आराध्य भगवान श्रीराम के अपमान को लेकर पप्पू यादव से सवाल पूछा तो वह भड़क गए और उनके गुंडों ने उन पर हमला कर दिया। सुमित ने दिल्ली के तिलकनगर थाने में पप्पू यादव और उनके साथियों पर मारपीट, सोने की चेन और घड़ी लूटने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर उन्हें कुछ होता है तो इसके जिम्मेदार पप्पू यादव ही होंगे। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।
सुमित की गिरफ्तारी के बाद उसकी मां का एक वीडियो भी सामने आया था। इसमें वह बेटे की गिरफ्तारी पर रोती नजर आई थीं। उन्होंने कहा था मैं चाहती हूं कि बेटा सही सलामत घर आ जाए, मुझे और कुछ नहीं चाहिए। मेरा राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। उनका कहना था कि सुमित ऑफिस जाने की बात कहकर घर से निकला था।
पुलिस के मुताबिक, सुमित गिरी बुलंदशहर के सहपानी गांव का रहने वाला है। उसके पिता का नाम फूल गिरी है। करीब 34 साल का सुमित गाजियाबाद में रहकर लोहे का सामान बनाने का काम करता है। वहीं, हैप्पी शर्मा बुलंदशहर के नैथला हसनपुर गांव का रहने वाला है। उसके पिता का नाम मुनेश कुमार शर्मा है। उसका बड़ा भाई राशन डीलर है। हैप्पी लंबे समय से भाजपा से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
इस प्रदर्शन को लेकर पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालक दास की शिकायत पर वाराणसी में पप्पू यादव, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और सपा सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसी बीच लखनऊ में सनातन रक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुरोध राय ने पप्पू यादव के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देते हुए धमकी दी थी। उन्होंने पप्पू यादव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी और उनका सिर लाने वाले को 51 लाख रुपए देने का ऐलान किया था।
2 अगस्त को पप्पू यादव की पत्नी और राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन के दिल्ली स्थित आवास के बाहर भी विरोध प्रदर्शन हुआ था। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और साधु-संतों ने मिलकर ये प्रदर्शन किया था। इस पर पप्पू यादव ने कहा था कि उनके बच्चों और परिवार को इस विवाद में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि अगर उनके परिवार तक बात पहुंची तो वह इसका जवाब देंगे। फिलहाल पप्पू यादव पर चप्पल फेंकने के मामले में दोनों आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। इसके बाद बुलंदशहर में हुए उनके स्वागत और रोड शो का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।