Bundi News: भीषण गर्मी के बीच जिले में रिकॉर्ड बिजली खपत से बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। लगातार आ रही ट्रिपिंग और केबल जलने की शिकायतों के बीच डिस्कॉम अधिकारियों ने देर रात औचक निरीक्षण किया।
Surprise Inspection Of Superintending Engineer: भीषण गर्मी के इस मौसम में जिलेभर में बढ़ रहे बिजली के उपभोग और अत्यधिक लोड के कारण बार-बार केबल जलने व ट्रिपिंग की आ रही शिकायतों को लेकर सोमवार रात्रि अभियंताओं ने औचक निरीक्षण किया। डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता (SE) सीपी. गुप्ता एवं अधिशासी अभियंता आरके. बैरवा ने सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंताओं ने तकनीकी टीम के साथ जिले की विद्युत आपूर्ति जांची।
एसई गुप्ता ने बताया गत वर्ष के मुकाबले इस बार मई में 20 प्रतिशत अधिक बिजली खपत हुई है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल पड़ रही भीषण गर्मी के कारण बिजली की खपत में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मई 2025 के पूरे महीने में जहां कुल 8 करोड़ 15 लाख यूनिट की खपत हुई थी, वहीं इस साल मई में 24 मई तक ही यह आंकड़ा 9 करोड़ 80 लाख यूनिट पार कर गया है। यह पिछले साल की तुलना में 164 लाख यूनिट (करीब 20 प्रतिशत) अधिक है।
अधीक्षण अभियंता सी. पी. गुप्ता और अधिशाषी अभियंता आर. के. बैरवा ने 1 बजे तक विभिन्न संवेदनशील इलाकों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रात करीब 1 बजे नैनवां रोड जीएसएस पर कार्यरत एफआरटी की लोकेशन चेक की। यहां एफआरटी के कर्मचारी अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ करके सोते हुए पाए गए। जांच में सामने आया कि रात 1 बजे से लेकर सुबह छह बजे तक एफआरटी द्वारा क्षेत्र में किसी भी बिजली शिकायत का निवारण नहीं किया गया। इस गंभीर लापरवाही और कर्तव्यहीनता को देखते हुए अधिकारियों ने संबंधित फर्म और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई के लिए मामला प्रस्तावित कर दिया है।
अत्यधिक लोड और भीषण गर्मी के चलते वितरण ट्रांसफार्मर एवं पावर ट्रांसफार्मर गर्म होकर फुंक न जाएं, इसके लिए तकनीकी टीमों द्वारा वितरण ट्रांसफार्मर एवं पावर ट्रांसफार्मरों की अर्थिंग में लगातार पानी डलवाया जा रहा है, ताकि कूलिंग बनी रहे।
बूंदी सिटी, बूंदी ग्रामीण, हिंडोली, तालेड़ा और वबलाना में रात्रि के समय बिजली की मांग अत्यधिक बढ़ने से केबल जलने की गंभीर समस्या सामने आ रही थी। विभाग द्वारा सोमवार रात एक विशेष महा-अभियान चलाया गया। इसके तहत पूरी मुस्तैदी के साथ अलग-अलग लोकेशंस पर कुल 35 थ्री-फेज ट्रांसफार्मरों का लोड चेक किया गया। इनमें से 3 ट्रांसफार्मरों पर लोड मामूली अनबैलेंस पाया गया, जिन्हें त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर ही (विद्युत आपूर्ति चालू स्थिति में) बैलेंस करा दिया गया।