घरेलू क्रिकेट खेलने पर विराट ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि वे ज्यादा तैयारी के समर्थक नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा, "मेरा खेल हमेशा मानसिक रहा है। जब तक मैं मानसिक रूप से अच्छा महसूस करता हूं, मैं खेल सकता हूं।"
Virat Kohli, India vs South Africa ODI: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुक़ाबला रांची के जेएससीए स्टेडियम में खेला गया। इस मैच में भारत ने पूर्व क्रिकेट कप्तान विराट कोहली के शानदार शतक की मदद से दक्षिण अफ्रीका को 17 रन से हरा दिया। कोहली ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए अपने वनडे करियर का 52वां शतक जड़ा। जिसके लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।'
प्रेजेंटेशन के दौरान विराट ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उस फैसले पर भी कमेन्ट किया, जिसमें सभी खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट खेलने पर ज़ोर दिया जा रहा है। कोहली ने कहा, "मैं कभी भी बहुत ज़्यादा तैयारी में विश्वास नहीं करता। मेरा खेल हमेशा मानसिक रहा है। जब तक मैं मानसिक रूप से अच्छा महसूस करता हूं, मैं खेल सकता हूं।"
अब सवाल यह उठता है कि अगर वह तैयारी में ज़्यादा विश्वास नहीं रखते, तो क्या दिल्ली के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में खेलना उनके खेल में कोई खास मूल्य जोड़ेगा? कोहली ने आगे कहा, "मैं हर दिन शारीरिक रूप से बहुत मेहनत करता हूं। अब इसका क्रिकेट से कोई लेना-देना नहीं है। यह बस मेरा जीवन जीने का तरीका है। जब तक मेरी फिटनेस बनी हुई है और मानसिक शार्पनेस है, तब तक आप खुद को विजुलाइज करते हैं और खुद को तेज़ दौड़ते, गेंद पर फुर्ती से रीएक्ट कर रहे हैं। तब आपको पता होता है कि सब ठीक है।"
उन्होंने कहा, "मैच में जिस तरह से खेला वह सुखद था। पिच शुरू के 20-25 ओवर ठीक थी। उसके बाद धीमी होने लगी। लेकिन, जब आपको अच्छी शुरुआत मिलती है, तो आप उस स्थिति में आ जाते हैं कि आपको कैसे खेलना है। अनुभव काम आता है। मैं कभी भी तैयारी में यकीन नहीं करता। मेरी सारी तैयारी मानसिक होती है।" उन्होंने कहा, "मैंने मैच से पहले एक दिन की छुट्टी ली थी। मैं 37 साल का हूं और मुझे रिकवरी के लिए समय चाहिए। मैं सिर्फ एक ही फॉर्मेट खेल रहा हूं।"
विराट कोहली रांची वनडे में बिल्कुल युवा विराट की तरह नजर आए। पारी की शुरुआत से ही वह आक्रामक नजर आए। उन्होंने 120 गेंद पर 7 छक्के और 11 चौके की मदद से 135 रन की रोमांचक पारी खेली। इस पारी की बदौलत ही भारत 17 रन से जीत हासिल करने और सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाने में कामयाब हो सका।
मैच की बात करें तो पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 349 रन बनाए थे। विराट कोहली के 135 के अलावा, रोहित शर्मा ने 57 और कप्तान केएल राहुल ने 60 रन की पारी खेली। रवींद्र जडेजा ने 32 रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका मैथ्यू ब्रिट्ज्के के 72, मार्को जानसेन के 39 गेंद पर 3 छक्के और 8 चौकों की मदद से 70 और कॉर्बिन बोश ने 51 गेंद पर छक्के और 5 चौकों की मदद से 67 रन की पारी के बावजूद 49.2 ओवर में 332 रन पर सिमट गई और 17 रन से मैच हार गई।