Ravichandran Ashwin MLC: टीम इंडिया के दिग्गज रविचंद्रन अश्विन ने मेजर लीग क्रिकेट (MLC) के साथ हाथ मिलाकर इतिहास रच दिया है। सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स के लिए खेलने वाले अश्विन पहले 'कैप्ड' भारतीय खिलाड़ी बनेंगे। जानिए आखिर क्यों अश्विन ने IPL के बाहर पहली बार किसी विदेशी लीग को चुना?
Ravichandran Ashwin, Major League Cricket: टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन अब अमेरिका के मैदानों पर अपना जलवा दिखाएंगे। 39 साल के अश्विन ने USA की टी-20 लीग यानी मेजर लीग क्रिकेट (MLC) की टीम 'सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स' के साथ हाथ मिला लिया है। इस टूर्नामेंट की शुरुआत इसी साल 19 जून से होने जा रही है।
अश्विन इस नई चुनौती को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, 'जिस तरह से वहां बसे एशियाई लोगों ने क्रिकेट को प्यार दिया है, उससे साफ है कि अमेरिका में क्रिकेट का भविष्य बहुत शानदार है। मैं खुद वहां जाकर उस माहौल को महसूस करना चाहता हूं।'
दिसंबर 2024 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, यह पहली बार होगा जब अश्विन IPL के अलावा किसी और विदेशी टी-20 लीग में खेलते नजर आएंगे। इससे पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (BBL) के लिए भी साइन किया था, लेकिन घुटने की चोट की वजह से वो नहीं खेल पाए थे। अश्विन ने बताया कि अमेरिका में बसे भारतीय और वहां के बच्चों में क्रिकेट को लेकर जो क्रेज है, उसे देखकर ही उन्होंने MLC में आने का फैसला किया। अश्विन का IPL करियर भी काफी जबरदस्त रहा है। उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK), राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स, पंजाब किंग्स, राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स जैसी बड़ी टीमों का प्रतिनिधित्व किया है। सालों तक IPL में अपनी फिरकी का जादू दिखाने के बाद अब वो अमेरिका में भी वही छाप छोड़ेंगे।
MLC के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉनी ग्रेव ने इसे लीग की बड़ी कामयाबी बताया है। उन्होंने कहा, 'भारत के बाहर किसी ग्लोबल लीग में अश्विन का पहली बार खेलना यह साबित करता है कि पिछले 3 साल में हमारी लीग कितनी मजबूत हुई है। अश्विन जैसे कद के खिलाड़ी का हमसे जुड़ना गर्व की बात है।'
यहां एक खास बात यह है कि वैसे तो उन्मुक्त चंद जैसे भारतीय मूल के खिलाड़ी पहले भी मेजर लीग क्रिकेट (MLC) में खेल चुके हैं, लेकिन अश्विन पहले ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने भारत की नेशनल टीम (Senior Indian Team) की तरफ से खेला है और अब इस लीग का हिस्सा बने हैं। यानी इंटरनेशनल लेवल पर भारत का नाम रोशन करने वाला कोई बड़ा 'कैप्ड' खिलाड़ी पहली बार इस अमेरिकी लीग में साइन हुआ है।