अनिल कुंबले की तरह रविचंद्रन अश्विन भी अभियांत्रिकी की पढ़ाई छोड़कर क्रिकेट में कैरियर बनाने को प्राथमिकता दी। ऑफ ब्रेक स्पिन गेंदबाजी करने वाले आश्विन ने 2006-07 में तमिलनाडु की ओर से खेलते हुए 20 से भी कम औसत से 31 विकेट झटके। लेकिन इसी सीजन में कलाई की चोट के चलते आश्विन यह प्रदर्शन जारी रखने में नाकाम रहे। 2008 में आश्विन ने आईपीएल के जरिए शानदार वापसी की। चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से इस स्पिनर ने बढि़या प्रदर्शन किया और तमिलनाडु की ओर से भी आश्विन ने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। 2010 की शुरुआत में आश्विन को टीम इंडिया की ओर से खेलने का मौका मिला। आश्विन के लिए यह उनका पहला विश्व कप था।
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