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‘लास्ट की 3 बॉल पर अटकी थी 18 साल की ये जीत, हमारे लिए सबसे मुश्किल घड़ी थी!’ कोहली ने तोड़ी चुप्पी

Virat Kohli: विराट कोहली ने IPL 2025 की ऐतिहासिक जीत पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। 18 साल का इंतजार खत्म होने ही वाला था, लेकिन वो आखिरी 3 गेंदें कोहली के लिए सबसे भारी क्यों थीं? जानिए हेजलवुड की उस नो-बॉल के डर और कोहली के इमोशनल सफर की पूरी कहानी, जिसने करोड़ों फैंस को रुला दिया।

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Mar 24, 2026
विराट कोहली और RCB टीम जीत का जश्न मानते हुए (Photo - ESPN)

RCB, Virat Kohli: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के सबसे वफादार और दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली ने आखिरकार IPL 2025 की उस ऐतिहासिक जीत पर अपनी चुप्पी तोड़ी है, जिसने करोड़ों फैंस की धड़कनें रोक दी थीं। 18 लंबे सालों तक टीम के साथ हर उतार-चढ़ाव में ढाल बनकर खड़े रहने वाले किंग कोहली के लिए यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि एक इमोशन थी। पूरी टीम इस कामयाबी से झूम रही थी, लेकिन उस फाइनल की रात एक वक्त ऐसा भी आया जो सबसे भारी था। कोहली ने बताया कि जीत के इतने करीब होने के बावजूद, वो आखिरी की 3 गेंदें उनके और पूरी टीम के लिए सबसे मुश्किल और तनावपूर्ण समय था।

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18 साल का लंबा इंतजार हुआ खत्म

RCB के सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में कोहली ने इस सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि 2009, 2011 और 2016 में फाइनल हारने के बाद, 2025 की यह जीत बहुत खास थी। कोहली, जो पहले सीजन से टीम के साथ हैं, ने बताया, 'RCB में हम सबके लिए वह एक बहुत ही स्पेशल रात थी। मैं और रमेश माने (टीम के मसाजर) डे वन से यहां हैं, और हम शायद इस ग्रुप के सबसे पुराने सदस्य हैं।'

फाइनल से पहले का माहौल

विराट ने खुलासा किया कि फाइनल मैच से पहले पूरी टीम काफी शांत लेकिन आत्मविश्वास से भरी थी। उन्हें पता था कि पंजाब किंग्स एक मजबूत टीम है और यह मुकाबला आसान नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि पुरानी हारों ने हमें टूटने के बजाय और मजबूत बनाया था। हमें पता था कि हम यहां किसी तुक्के से नहीं, बल्कि अपनी मेहनत से पहुंचे हैं।

RCB का फ्लैशबैक आया याद

विराट के लिए वो जीत का पल किसी सपने जैसा था। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे मैच खत्म होने की कगार पर था, उनके सामने पिछले 18 सालों का पूरा सफर एक फिल्म की तरह चलने लगा। कोहली ने कहा, 'सच कहूं तो वो सब बहुत ही जादुई था। आपकी आंखों के सामने 18 साल का पूरा सफर जिसमें सारे उतार-चढ़ाव, अच्छे और बुरे पल, सब कुछ फ्लैश हो रहा था। अगले 10 मिनट में वह सब एक साथ आपके सामने आने वाला था। इसे शब्दों में समझाना मुश्किल है, इसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है।'

फाइनल में आखिर की वो 3 गेंदे

हैरानी की बात यह है कि कोहली के लिए सबसे कठिन समय तब था जब जीत पक्की लग रही थी। उन्होंने बताया कि आखिरी ओवर में जब जीत हाथ में थी, तब भी डर बना हुआ था। खासकर वो आखिरी ओवर, जहां आपको पता है कि गेम हमारे हाथ में है। हम बस यही दुआ कर रहे थे कि जोश हेजलवुड कोई नो-बॉल न फेंक दे (जो वो कभी नहीं करते)। सब कुछ तय होने के बाद भी, उन आखिरी तीन गेंदों का इंतजार करना शायद पूरी रात का सबसे मुश्किल हिस्सा था।'

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