
नई दिल्ली। आई मॉनेटरी एडवाइजरी (आईएमए) के नाम से इस्लामिक बैंक चलाने वाले मोहम्मद मंसूर खान ने लोगों को बड़े रिटर्न का वादा किया था। बेहतर रिटर्न्स के नाम पर उसने सैकड़ों करोड़ रुपए जमा कर लिए और अब वह देश छोड़कर फरार हो गया है। कुछ दिन पहले ही उसने सरकारी अधिकारियों पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए सूसाइड करने की बात कही थी।
FIR दर्ज होने से पहले हो गया फरार
जानकारी के मुताबिक मुख्य आरोपी मंसूर खान अपने खिलाफ पहली शिकायत दर्ज होने से पहले ही इंडिया से फरार हो गया। बेंगलुरु सिटी पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। पहली शिकायत मंसूर के करीबी दोस्त और बिजनेस पार्टनर खालिद अहमद ने दर्ज कराई है। खालिद ने मंसूर पर 4.8 करोड़ रुपए की ठगी का आरोप लगाया है।
इसके 24 घंटे बाद ही मंसूर की एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई थी जिसमें वह सूइसाइड करने की बात कह रहा था। यह ऑडियो क्लिप सुनकर लोगों ने पुलिस में शिकायत की लेकिन तब तक मंसूर फरार हो चुका था। बेंगलूरु पुलिस के मुताबिक खान इमिग्रेशन क्लियर होने के बाद खान दुबई चला गया। पुलिस के मुताबिक खान ने बिजनेस क्लास की सीट बुक की थी।
पुलिस ने की खान की एसयूवी जब्त
इस मामले में पुलिस ने आई मॉनेटरी एडवाइजरी के सात डायरेक्टरों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही खान की एसयूवी भी जब्त कर ली है। दूसरी तरफ खान की ऑडियो क्लिप आने के बाद लोगों ने आईएमए के ऑफिस पर हमला करने की भी कोशिश की थी लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
14 से 18% रिटर्न का वादा
आपको बता दें कि 2006 में लॉन्च हुई आईएमए एक इस्लामिक किंग और हलाल निवेश फर्म है, जिसने अपने संचालन को पोंजी स्कीम में बदलने से पहले हर महीने 14 फीसदी से 18 फीसदी तक रिटर्न का वादा किया था।