धौलपुर

डकैत जगन गुर्जर की 12वीं और पगड़ी रस्म में उमड़ा जनसैलाब, समाज ने मांगें पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी

Jagan Gurjar Murder Case: पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की हत्या के बाद रविवार को विभूतिपुरा गांव में 12वीं और पगड़ी रस्म हुई। बैठक में गुर्जर समाज ने सीबीआई जांच समेत पांच मांगें जल्द पूरी करने की मांग दोहराई। चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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Jul 12, 2026
Jagan Gurjar Murder Case
जगन गुर्जर की 12वीं और पगड़ी रस्म में उमड़ा जनसैलाब (पत्रिका फोटो)

Jagan Gurjar 12th Ritual: बाड़ी (धौलपुर): अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में मारे गए पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की आत्मशांति के लिए रविवार को उसके पैतृक गांव विभूतिपुरा में बारहवीं और पगड़ी की रस्म का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों से भी गुर्जर समाज के हजारों लोग पहुंचे। गांव के पास स्थित बाबू महाराज मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 20 हजार लोगों की भारी भीड़ जुटी, जिसे देखते हुए प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद रही।

आयोजन के दौरान एक विशाल भंडारे के साथ-साथ श्रद्धांजलि सभा और समाज की एक महापंचायत भी हुई। इस सभा में समाज के कई प्रमुख प्रतिनिधियों और नेताओं ने भाग लिया। बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा जगन गुर्जर हत्याकांड के बाद सरकार के सामने रखी गई मांगों और प्रशासन के ढीले रवैये को लेकर हुई। वक्ताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं कीं, तो समाज एक बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगा।

क्या है पूरा मामला और हत्याकांड?

गौरतलब है कि बीते 29 जून को अजमेर की बेहद सुरक्षित मानी जाने वाली हाई सिक्योरिटी जेल में बंद पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। जेल में ही बंद उसके साथी कैदी विष्णु जाट ने एक गमछे से गला घोंटकर जगन को मौत के घाट उतार दिया था। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही गुर्जर समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। हत्याकांड के बाद प्रशासन ने केवल जगन के धौलपुर जेल में बंद दो भाइयों लाल सिंह और पान सिंह को अंतिम रस्मों में शामिल होने के लिए पैरोल पर रिहा किया है।

समाज की 5 प्रमुख मांगें

श्रद्धांजलि सभा के दौरान गुर्जर समाज के नेताओं (प्रह्लाद खटाना और रामवीर पोसवाल) ने बताया कि जगन की हत्या के बाद अजमेर में हुए धरने के दौरान प्रशासन के साथ कुछ बिंदुओं पर सहमति बनी थी। समाज ने सरकार के सामने 5 मुख्य मांगें रखी हैं, जो इस प्रकार हैं।

सीबीआई जांच: पूरे हत्याकांड की निष्पक्ष और पारदर्शी सीबीआई जांच कराई जाए।

जेल प्रशासन पर कार्रवाई: लापरवाही बरतने वाले अजमेर जेल प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों पर सख्त एक्शन लिया जाए।

भाई का ट्रांसफर: धौलपुर जेल में बंद जगन के भाई पप्पू गुर्जर को सुरक्षा के लिहाज से किसी दूसरी सुरक्षित जेल में भेजा जाए।

पुलिस अधिकारी पर एक्शन: जगन को जेल भिजवाने वाले बाड़ी कोतवाली के थाना अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

परिवार को सुरक्षा: जगन गुर्जर के बेटे आशाराम और उसके पूरे परिवार को उचित सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

नेताओं का आरोप

हत्याकांड को 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने आश्वासन देने के बावजूद अब तक एक भी मांग को पूरा नहीं किया है। जोगिंदर अवाना, रविंद्र गुर्जर, अजय पलबलिया, हाकिम बैसला और ममता गुर्जर जैसे समाज के नेताओं ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अब अधिकारों के लिए कड़ा रुख अपनाना होगा।

प्रशासन के साथ वार्ता रही बेअसर

तनाव और भीड़ को देखते हुए बाड़ी के एडिशनल एसपी श्रवण कुमार, बाड़ी एसडीएम अमित कुमार वर्मा और मनिया सीओ खलील अहमद भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने जगन के परिजनों और समाज के मौजिज लोगों के साथ बैठकर बातचीत करने की कोशिश की ताकि मामला शांत हो सके।

हालांकि, यह वार्ता पूरी तरह विफल रही। परिजनों और गुर्जर समाज के लोगों ने साफ कह दिया कि वे स्थानीय अधिकारियों से बात नहीं करेंगे; उन्होंने मौके पर धौलपुर के कलेक्टर और एसपी को बुलाने की मांग की। इस मांग पर सहमति न बनने के कारण बातचीत बीच में ही टूट गई।

आगे की रणनीति

गुर्जर समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्होंने प्रशासन को कुछ समय का आखिरी मौका दिया है। यदि तय समय के भीतर सरकार की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई या लिखित जवाब नहीं आता है, तो आने वाले दिनों में समाज एक बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार कर उसकी घोषणा कर देगा।

Updated on:
12 Jul 2026 08:40 pm
Published on:
12 Jul 2026 08:40 pm