धौलपुर

Jagan Gurjar Murder Case: 15 दिन जेल से बाहर रहेगा जगन गुर्जर का भाई लाल सिंह, पैरोल के बाद करना होगा सरेंडर

Jagan Gurjar Murder Case: धौलपुर जिला जेल में बंद कुख्यात डकैत जगन गुर्जर के बड़े भाई लाल सिंह गुर्जर को 15 दिन की आकस्मिक पैरोल मिली है। भाई की मौत के बाद धार्मिक और पारिवारिक रस्मों के लिए राहत दी गई है। पैरोल के दौरान पुलिस उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेगी।
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Jul 04, 2026
Jagan Gurjar Murder Case
जगन गुर्जर के भाई को मिली 15 दिन की पैरोल (पत्रिका फोटो)

Jagan Gurjar Brother Lalsingh Parole: धौलपुर: चंबल के बीहड़ों से लेकर धौलपुर और आसपास के इलाकों में दशकों तक खौफ का पर्याय रहे कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद क्षेत्र में सरगर्मियां तेज हैं। इस बीच, धौलपुर जिला जेल में बंद जगन गुर्जर के बड़े भाई लाल सिंह गुर्जर को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। जेल प्रशासन और कानूनी प्रक्रिया के तहत लाल सिंह गुर्जर को 15 दिनों की आकस्मिक पैरोल मंजूर की गई है, जिसके बाद वह जेल की सलाखों से बाहर आ गया है।

भाई की अंत्येष्टि में पुलिस कस्टडी में हुआ था शामिल

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही डकैत जगन गुर्जर की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के बाद पूरे धौलपुर और चंबल के सीमावर्ती इलाकों में भारी तनाव देखा गया था। जगन की मौत के बाद जब उसकी अंत्येष्टि (दाह संस्कार) की रस्में निभाई जा रही थीं।

तब उसके बड़े भाई लाल सिंह गुर्जर ने शामिल होने के लिए गुहार लगाई थी। उस समय सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कोर्ट और जेल प्रशासन ने लाल सिंह को कड़े पुलिस पहरे में कुछ घंटों के लिए अंत्येष्टि में शामिल होने की अनुमति दी थी।

15 दिनों के लिए मिली आकस्मिक पैरोल

पारिवारिक संकट और भाई की मृत्यु के बाद की सामाजिक व धार्मिक रस्मों को पूरा करने के आधार पर लाल सिंह के वकील द्वारा आकस्मिक पैरोल की याचिका दायर की गई थी। मानवीय दृष्टिकोण और नियमों का हवाला देते हुए प्रशासन ने लाल सिंह गुर्जर को 15 दिनों की पैरोल पर जेल से बाहर आने की राहत दी है।

हालांकि, पुलिस प्रशासन लाल सिंह की सुरक्षा और उसकी गतिविधियों पर पूरी नजर रखे हुए है। पैरोल की यह अवधि समाप्त होते ही लाल सिंह को अनिवार्य रूप से वापस धौलपुर जिला जेल में आकर आत्मसमर्पण करना होगा।

जगन गुर्जर हत्याकांड से फिर गरमाया चंबल

जगन गुर्जर, जिस पर राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की पुलिस ने लाखों रुपए का इनाम घोषित कर रखा था, उसकी हत्या ने चंबल के गैंगवार और पुरानी रंजिशों को एक बार फिर हवा दे दी है। जगन गुर्जर ने कई बार पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया और फिर अपराध की दुनिया में कदम रखा। हाल ही में हुई उसकी हत्या को इलाके में वर्चस्व की लड़ाई और पुरानी दुश्मनी का नतीजा माना जा रहा है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

जगन की हत्या के बाद गुर्जर बाहुल्य इलाकों और चंबल के बीहड़ों से सटे गांवों में पुलिस बल तैनात है। अब बड़े भाई लाल सिंह के 15 दिनों के लिए बाहर आने पर पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े और किसी भी संभावित हिंसक मोड़ या जवाबी कार्रवाई को रोका जा सके।

लाल सिंह की पैरोल अवधि के दौरान स्थानीय पुलिस उस पर करीब से नजर रखेगी, ताकि वह शर्तों का उल्लंघन न करे। फिलहाल, इस पैरोल के बाद मृतक डकैत जगन गुर्जर के परिवार में आगे की रस्में पूरी की जा रही हैं।

Updated on:
04 Jul 2026 06:53 pm
Published on:
04 Jul 2026 06:53 pm