Rashtra Katha Mahotsav Gonda : गोंडा में 1 से 8 जनवरी तक राष्ट्रकथा महोत्सव चल रहा है। 8 जनवरी को भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस भंडारे में पनीर की सब्जी देखने को नहीं मिलेगी।
गोंडा(Rashtra Katha Mahotsav Gonda) : गोंडा में 1 से 8 जनवरी तक राष्ट्रकथा महोत्सव चल रहा है। इसका आयोजन पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने किया है। 8 जनवरी को भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस भंडारे में पनीर की सब्जी देखने को नहीं मिलेगी। पनीर की जगह निमोना और सगपहिता बनाया जाएगा। इसके बारें में बृजभूषण शरण सिंह ने खुद एक वीडियो शेयर करके बताया।
बृजभूषण शरण सिंह ने वीडियो जारी करते हुए बताया कि आम आदमी इस मुहिम में कैसे अपनी सहभागिता करें। इसके लिए उन्होंने कहा कि आप हमें 1 किलो, 2 किलो बथुआ दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर मैं चाहता हूं कि बथुआ मांझा क्षेत्र से आए। क्योंकि उस तरफ कैमिकल का उपयोग कम होता है। कथा में दूध, घी या अन्य खाद्य रसद सामग्री भिजवा सकते हैं। शुद्ध दूध से बना कथा के लिए प्रसाद या जो भी कथा के दौरान काम में ली जाने वाली चीजें दान कर सकते हैं।
इस मुहिम में जनता ने बढ़-चढ़कर खूब हिस्सा लिया। लोगों ने दूध, घी, सब्जी अपनी श्रद्धा अनुसार कथा में दान किया। बता दें कि बृजभूषण शरण सिंह ने स्पष्ट किया था कि वह किसी से भी आर्थिक सहयोग नहीं लेंगे।
उत्तर प्रदेश और बिहार का एक पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजन है, जो दाल (जैसे उड़द) और पालक (या बथुआ जैसे अन्य साग) को मिलाकर बनाया जाता है, जिसमें लहसुन, हींग, हरी मिर्च और मसालों का तड़का लगाया जाता है, और यह सर्दियों में खूब खाया जाता है।
निमोना (Nimona) एक स्वादिष्ट उत्तर प्रदेश-शैली का व्यंजन है, जो मुख्य रूप से ताजी हरी मटर को दरदरा पीसकर, मसालों के साथ भूनकर और आलू या अन्य सामग्री डालकर बनाया जाता है; यह सर्दियों में बनने वाली एक लोकप्रिय, पौष्टिक और गरमा-गरम सब्ज़ी है, जो दाल और सब्ज़ी दोनों का काम करती है और रोटी या चावल के साथ खाई जाती है
कथा के दौरान ऋतेश्वर महाराज ने राष्ट्र के नाम संदेश देते हुए अवध क्षेत्र और गोंडा का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा- 'यहां लोग कहते हैं कि बृजभूषण का दबदबा था, दबदबा है और दबदबा रहेगा।' इसके बाद खुद को बृजभूषण शरण सिंह का 'पिता' बताते हुए बोले- 'यहां इनका बाप बैठा है। मेरा भी दबदबा था, है और रहेगा।'
नंदिनी निकेतन में आठ दिवसीय राष्ट्र कथा चल रही है। एक जनवरी को श्रीआनंदम धाम पीठाधीश्वर सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज ने इसका शुभारंभ किया था। अयोध्या से पधारे साधु-संतों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच व्यास पीठ की पूजा-अर्चना कर कथा शुरू की थी।