Dhurandhar 2 Mustafa Ahmed: धुरंधर 2 के एक्टर मुस्तफा अहमद ने बचपन में डिस्लेक्सिया से जंग जीती। जानिए क्या है यह बीमारी, इसके लक्षण और कैसे सही समय पर ठीक कर अपने बच्चे की जान बचा सकते हैं।
Dhurandhar 2 Mustafa Ahmed: धुरंधर 2 के रिजवान यानी मुस्तफा अहमद की एक्टिंग और उनकी फिटनेस का हर कोई दीवाना है। मुस्तफा ने ऋतिक रोशन जैसे बड़े सितारों को ट्रेनिंग दी है। मुस्तफा ने हाल ही में अल्फा कोच पॉडकास्ट पर बताया कि बचपन में वह डिस्लेक्सिया नाम की बीमारी से जूझ रहे थे। उन्हें पढ़ाई-लिखाई में कमजोर और डफर समझा जाता था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। मुस्तफा की यह कहानी उन लाखों माता-पिता के लिए एक सबक है जो अपने बच्चे की पढ़ाई को लेकर परेशान रहते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर यह बीमारी क्या है और एक्टर ने इसे कैसे सही किया।
डिस्लेक्सिया (Dyslexia) कोई पागलपन या दिमागी कमजोरी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें बच्चे का दिमाग शब्दों और अक्षरों को अलग तरीके से प्रोसेस करता है। इसका मतलब है कि जो शब्द आम इंसान को सीधे दिखते हैं, इस बीमारी से जूझ रहे बच्चे को वो उल्टे दिखाई दे सकते हैं। मुस्तफा ने बताया कि वह बचपन में होनहार छात्र नहीं थे, क्योंकि उन्हें पढ़ने और लिखने में बहुत दिक्कत होती थी। उन्हें अक्सर सुस्त या पढ़ाई में जी चुराने वाला मान लिया जाता था, जो कि गलत था।
मुस्तफा ने पॉडकास्ट में बताया कि भले ही वह किताबों में कमजोर थे, लेकिन फिजिकल एक्टिविटी जैसे स्पोर्ट्स और डांस में वह बहुत माहिर थे। उन्होंने अपनी कमजोरी को ही अपनी ताकत बनाया। आज वह बड़े-बड़े सुपरस्टार्स को ट्रेनिंग देते हैं। उनका कहना है कि डिस्लेक्सिया होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि बच्चा बुद्धिमान नहीं है। अल्बर्ट आइंस्टीन और अभिषेक बच्चन जैसे कई दिग्गज भी इस स्थिति से गुजर चुके हैं और आज दुनिया में उनका बड़ा नाम है।
डिस्लेक्सिया का कोई इलाज नहीं है, लेकिन सीखने में सहायता करने और पढ़ने को आसान बनाने के कई तरीके हैं। हर कोई अलग-अलग तरीके से सीखता है, लेकिन सही समय पर पहचान और सपोर्ट से इसे मैनेज किया जा सकता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।