Haryana Cancer Villages: हरियाणा के नूंह जिले में 9 गांवों में कैंसर का खतरा तेजी से बढ़ा है। जानें किन राज्यों में सबसे ज्यादा कैंसर के केस दर्ज हो रहे हैं और क्या हैं इसके कारण।
Haryana Cancer Villages: खराब लाइफस्टाइल और रासायन युक्त चीजों के इस्तेमाल से कैंसर काफी तेजी से फैल रहा है। हरियाणा का नूंह जिला इन दिनों कैंसर का केंद्र बन गया है। इस जिले के 9 गांवों में अब तक 100 से अधिक लोग कैंसर से पीड़ित पाए गए हैं। साथ ही 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीण इलाकों में यह बीमारी तेजी से फैल रही है। तो आइए जानते हैं क्या है इस बीमारी का जड़।
दरअसल, ग्रामीणों का कहना है कि कैंसर फैलने की सबसे बड़ी वजह है। गुरुग्राम कैनाल (उजीना ड्रेन) का रासायनिक युक्त पानी, जो फसलों की सिंचाई में यूज किया जा रहा है। यह पानी आसपास के बूचड़खानों और हड्डी पीसने वाले प्लांट्स के पास से हो कर गुजरता है, जिससे मिट्टी और पानी दोनों प्रदूषित हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जो लोग इस पानी से सिंचित फसल खाते हैं या इसे पीते हैं, वे धीरे-धीरे बीमार पड़ रहे हैं।
हाल ही में डीसी अखिल पिलानी ने फलेंडी गांव में रात्रि ठहराव के दौरान ग्रामीणों से मुलाकात की। लोगों ने उन्हें बताया कि गांव में कैंसर बहुत तेजी से फैल रहा है और कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है। ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद डीसी ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग को जांच के आदेश दिए और जन स्वास्थ्य विभाग को पानी की सैंपलिंग करने के निर्देश दिए।
अब स्वास्थ्य विभाग ने नूंह और पुन्हाना ब्लॉक के 9 गांवों निजामपुर, मालब, आकेड़ा, फलेंडी, टपकन, झारोकड़ी, बिछोर, रीगड़ और सटकपुरीमें कैंसर सर्वे शुरू कर दिया है। इस सर्वे में आशा वर्कर, एमपीएचडब्ल्यू और सीएचओ की टीमें शामिल हैं, जो घर-घर जाकर मरीजों की जानकारी जुटा रही हैं। बताया गया है कि सोमवार तक पूरा डेटा एकत्र किया जाएगा, जिसके बाद प्रशासन अगली कार्रवाई तय करेगा।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR-NCRP) की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 14.6 लाख नए कैंसर केस दर्ज किए जाते हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और कर्नाटक शीर्ष पर हैं। अकेले उत्तर प्रदेश में करीब 2 लाख, जबकि महाराष्ट्र में 1.5 लाख नए मरीज सामने आते हैं। वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों खासकर मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में प्रति लाख जनसंख्या पर कैंसर का सर्वाधिक अनुपात पाया गया है।