
Heart Valve Disease Symptoms Hindi: हमारा दिल चौबीसों घंटे बिना रुके शरीर में खून पहुंचाने का काम करता है। दिल के अंदर चार छोटे-छोटे गेट (दरवाजे) होते हैं, जिन्हें हम हार्ट वाल्व (Heart Valves) कहते हैं। इनका काम खून सही दिशा में आगे बढ़ाने और वापस पीछे की तरफ न लौटने देने का होता है।
मेयो क्लिनिक और क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, जब इन वाल्वों यानी दरवाजों में कोई खराबी आ जाती है, तो इसे हार्ट वाल्व डिजीज कहते हैं। कई बार लोग इसे मामूली थकावट या बढ़ती उम्र का असर समझकर छोड़ देते हैं, जो आगे चलकर बड़ी मुसीबत बन सकता है। आइए समझते हैं कि इसके लक्षण क्या हैं।
1. वाल्व का सिकुड़ जाना (Stenosis)- इसमें वाल्व का दरवाजा सख्त हो जाता है और पूरा नहीं खुलता, जिससे दिल को खून आगे भेजने के लिए बहुत ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है।
2. वाल्व का लीक होना (Regurgitation)- इसमें वाल्व का दरवाजा ठीक से बंद नहीं हो पाता, जिससे खून आगे जाने के बजाय वापस पीछे की तरफ बहने (लीक होने) लगता है।
जब आप डॉक्टर के पास जाते हैं, तो वे सबसे पहले स्टैथस्कोप से आपके दिल की धड़कन सुनते हैं। खराब वाल्व होने पर दिल से एक अलग तरह की सरसराहट की आवाज आती है। इसके बाद डॉक्टर इकोकार्डियोग्राम (Echocardiogram) टेस्ट करवाते हैं। यह बिल्कुल आपके दिल का अल्ट्रासाउंड होता है, जिससे स्क्रीन पर साफ दिख जाता है कि कौन सा वाल्व खराब है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।