
Male Infertility Causes: अगर किसी को लगता है कि बच्चा न होने की परेशानी सिर्फ उन्हीं के साथ है, तो वे गलत हैं। मेयो क्लिनिक के अनुसार, आजकल लगभग हर 7 में से 1 शादीशुदा जोड़े को बच्चा पैदा करने में दिक्कत आ रही है। इसका मतलब यह है कि अगर कोई जोड़ा बिना किसी निरोध के सालभर या उससे ज्यादा समय तक लगातार कोशिश करता है, तब भी उन्हें बच्चा नहीं हो पा रहा है।
गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर शैलजा अग्रवाल के अनुसार, कहीं न कहीं आजकल की खराब लाइफस्टाइल और काम के प्रेशर के कारण बढ़ते तनाव की वजह से पुरुषों में भी बांझपन की समस्या बढ़ रही है।
गायनेकोलॉजिस्ट के मुताबिक, आज के समय में पुरुषों के पिता न बन पाने के पीछे कोई बहुत बड़ी बीमारी नहीं है, बल्कि उनकी रोज की ये खराब आदतें जिम्मेदार हो सकती हैं;
1. सिगरेट और शराब की लत (Smoking)- जो बहुत ज्यादा सिगरेट, बीड़ी या हुक्का पीते हैं, उनके स्पर्म की क्वालिटी बेकार हो जाती है। सिगरेट का धुआं उनकी संख्या को तो कम करता ही है, साथ ही उन्हें इतना सुस्त और कमजोर बना देता है कि वो किसी काम के नहीं रहते। यही बात शराब और गुटखे पर भी लागू होती है।
2. दिनभर का तनाव और टेंशन (Stress)- आजकल ऑफिस का काम, पैसों की चिंता और घर की उलझनों के कारण पुरुष हर वक्त टेंशन में रहते हैं। जब दिमाग में चौबीसों घंटे चलता रहेगा, तो इसका सीधा असर स्पर्म की क्वालिटी पर पड़ता है।
3. बढ़ता हुआ पेट और मोटापा- मोटापा शरीर के अंदर मौजूद मर्दों वाले हार्मोन को कम कर देता है। इसके अलावा, शरीर में चर्बी ज्यादा होने से प्राइवेट पार्ट के आस-पास गर्मी बढ़ जाती है, जो कि स्पर्म्स के जिंदा रहने के लिए बिल्कुल अच्छी नहीं है।
4. उल्टा-सीधा खान-पान और नींद न पूरी होना- रात-रात भर जागना, देर से सोकर उठना और दिनभर पिज्जा, बर्गर, चाउमीन जैसी तली-भुनी चीजें भी इसकी एक बड़ी वजह है। जब शरीर को सही पोषण ही नहीं मिलेगा, तो अंदर ताकत कैसे बनेगी?
क्लीवलैंड क्लिनिक में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, सबसे पहले आपकी रोजमर्रा की आदतों (लाइफस्टाइल) को सुधार करके खुद को इस समस्या से बचा सकते हैं;
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।