स्वास्थ्य

मीठा या नमकीन? दिल की सेहत के लिए आखिर क्या है सबसे बड़ा खतरा

Sugar vs Salt Which Is Worse: मीठा या नमकीन में से दिल की सेहत के लिए क्या ज्यादा खतरनाक है? जानें ज्यादा शुगर कैसे हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ाती है।
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Nov 19, 2025
Sugar vs Salt Which Is Worse
Sugar vs Salt Which Is Worse (Image: Gemini)

Sugar vs Salt Which Is Worse: जब बात मीठे और नमकीन की हो तो, हर किसी के मुंह में पानी आना जाहिर सी बात है। लेकिन क्या आप जानते है इन दोनों का सेवन अगर उचित मात्रा में ना हो तो ये दिल की सेहत के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं। आइए जानते है मीठा या नमकीन कौन दिल की सेहत के लिए सबसे ज्यादा हानिकारक है।

रसोई के दो स्वाद (मीठा और नमकीन) ऐसे हैं जो हर थाली में शामिल किए जाते हैं। नमक और शुगर को हटा दिया जाए तो हमारे खाने में स्वाद ही नहीं रहेगा। ये हमारे खाने का ऐसा स्वाद है जिसके बिना सब बेस्वाद हो जाता है।

मीठा ज्यादा खाने से बढ़ता है दिल की बीमारियों का खतरा

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की एक रिपोर्ट के अनुसार जो लोग ज्यादा शुगर का सेवन करते हैं उनको हार्ट अटैक आने का 38% खतरा बढ़ जाता है। शुगर को साइलेंट किलर भी कहा गया है क्योंकि इसका हम जितनी मात्रा में सेवन करते है उतना ही अधिक इसको खाने की इच्छा बढ़ती है और इसके ज्यादा सेवन से वजन बढ़ना, टाइप 2 डायबिटीज और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

नमक के ज्यादा सेवन से बढ़ता है हार्ट डिजीज का रिस्क

नमक का ज्यादा मात्रा में सेवन ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है। हाई ब्लड प्रेशर को दिल की बीमारियों का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। WHO के अनुसार एक वयस्क व्यक्ति को एक दिन में 5 ग्राम नमक का सेवन करना चाहिए। लेकिन हमारे दैनिक जीवन में बहुत हद तक इसका सेवन अधिक ही होता है। पैकेज्ड नूडल्स हो या चिप्स, पापड़ या अचार और फास्ट फूड इन सब में ही नमक की मात्रा ज्यादा होती है, इससे हमें पता भी नहीं चलता कि हम कितना सेवन कर चुके हैं।

शुगर और नमक में कौन ज्यादा खतरनाक?

अब जिस प्रकार हम आग और धुएं में से ये नहीं तय कर सकते कि कौन ज्यादा खतरनाक है उस प्रकार ही ये दोनों ही हमारे दिल की सेहत के लिए समान रूप से घातक हैं। शुगर हो या नमक दोनों का प्रर्याप्त मात्रा में सेवन ही फायदेमंद होता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
19 Nov 2025 09:28 pm
Published on:
19 Nov 2025 09:28 pm