स्वास्थ्य

Tattoo Health Risks: टैटू प्रेमियों सावधान! इंक से हो सकती है ये बीमारी, नई स्टडी में खुलासा!

Tattoo Health Risks: एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि टैटू बनवाने वाले लोगों में मेलानोमा स्किन कैंसर का जोखिम 29% तक बढ़ सकता है। जानें ये खतरा कितना सच है।

2 min read
Nov 28, 2025
Tattoo Health Risks (photo- gemini ai)

Tattoo Health Risks: आजकल टैटू सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि लोगों की पहचान और पर्सनैलिटी का हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन जैसे-जैसे टैटू का ट्रेंड बढ़ रहा है, वैज्ञानिक अब इसके लंबे समय के हेल्थ इफेक्ट्स पर भी ध्यान दे रहे हैं। हाल ही में स्वीडन की एक यूनिवर्सिटी की स्टडी ने बताया है कि टैटू बनवाने वाले लोगों में स्किन कैंसर (खासकर मेलानोमा) का खतरा थोड़ा ज्यादा हो सकता है।

ये भी पढ़ें

Cancer Causing Dye in Roasted Chickpeas: आपका पसंदीदा भुना चना बन सकता है कैंसर की वजह! सच जानकर रह जाएंगे दंग

स्टडी में क्या पाया गया?

रिसर्चर्स ने करीब 12,000 लोगों के डेटा का विश्लेषण किया और देखा कि टैटू बनवाने वालों में मेलानोमा होने का रिस्क लगभग 29% ज्यादा था। यानी हर टैटू वाला व्यक्ति कैंसर का शिकार होगा, ऐसा बिल्कुल नहीं है, लेकिन जोखिम बढ़ता जरूर दिखा। इंटरस्टिंग बात यह रही कि टैटू का साइज या कितने बड़े एरिया पर बनाया गया है, इससे रिस्क नहीं बढ़ता। छोटा टैटू हो या पूरा हाथ कैंसर का खतरा लगभग समान ही देखा गया।

स्टडी में यह भी पाया गया कि जो लोग 10 साल से ज्यादा समय पहले टैटू करवा चुके थे, उनमें जोखिम थोड़ा और बढ़ा हुआ पाया गया। हालांकि इस ग्रुप में लोगों की संख्या कम थी, इसलिए नतीजों को सावधानी से समझने की जरूरत है। साथ ही, टैटू का स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (एक और स्किन कैंसर) से कोई संबंध नहीं मिला।

टैटू से रिस्क क्यों बढ़ सकता है?

यह स्टडी साबित नहीं करती कि टैटू सीधे-सीधे कैंसर का कारण बनते हैं। लेकिन वैज्ञानिक कुछ संभावनाओं पर रिसर्च कर रहे हैं। टैटू के रंगों में कई तरह के केमिकल होते हैं। सूर्य की रोशनी या लेजर रिमूवल के दौरान ये केमिकल टूटकर हानिकारक सब्सटेंस बना सकते हैं। शरीर में टैटू की इंक सिर्फ त्वचा में ही नहीं रहती। कुछ कण शरीर के लिम्फ नोड्स तक पहुंच जाते हैं, जहां वे कई सालों तक जमा हो सकते हैं। इससे शरीर में हल्की-हल्की क्रॉनिक इंफ्लेमेशन (लंबे समय तक सूजन) बनी रह सकती है, और लगातार बनी सूजन कैंसर का जोखिम बढ़ा सकती है।

स्टडी की खासियत

रिसर्चर्स ने सिर्फ टैटू देखकर रिस्क नहीं बताया। उन्होंने ये भी जांचा कि कहीं टैटू वाले लोग धूप में ज्यादा घूमते हों, टैनिंग बेड इस्तेमाल करते हों, या उनकी लाइफस्टाइल चीजें अलग हों। लेकिन इन सब चीजों को ध्यान में रखने के बाद भी टैटू और मेलानोमा के बीच संबंध थोड़ा मजबूत ही रहा।

क्या टैटू बनवाने वालों को चिंता करनी चाहिए?

घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। यह स्टडी सिर्फ जागरूक करने के लिए है, डराने के लिए नहीं। अगर आपके पास टैटू है, तो बस ये सावधानियां रखें। धूप में जाते समय सन्सक्रीन लगाएं, टैनिंग बेड से बचें, त्वचा पर नया तिल दिखे या कोई पुराना तिल बदलने लगे, तो डॉक्टर को दिखाएं। टैटू एक खूबसूरत कला है और लोग इसे आत्म-अभिव्यक्ति के रूप में अपनाते हैं। लेकिन साथ ही जरूरी है कि हम उसके संभावित हेल्थ इफेक्ट्स को भी जानें। यह स्टडी शुरुआती संकेत देती है कि टैटू और कैंसर के बीच कोई संबंध हो सकता है, लेकिन अभी और रिसर्च की जरूरत है।

ये भी पढ़ें

Brain Cancer Treatment: अब नाक के जरिए हो सकता है ब्रेन कैंसर का इलाज? स्टडी में दिखा सुपर इफेक्ट!

Published on:
28 Nov 2025 09:24 am
Also Read
View All

अगली खबर