UTI Infection Causes: हर साल लाखों लोग पेशाब में जलन, बार-बार टॉयलेट जाने की जरूरत और पेट दर्द जैसी परेशानी से जूझते हैं। 5 में से 1 UTI केस दूषित चिकन और मांस से जुड़ा। जानिए लक्षण, कारण और बचाव के आसान तरीके।
UTI Infection Causes: हर साल लाखों लोग पेशाब में जलन, बार-बार टॉयलेट जाने की जरूरत और पेट दर्द जैसी परेशानी से जूझते हैं। इसे हम आमतौर पर यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) कहते हैं। ज्यादातर लोग मान लेते हैं कि यह खराब हाइजीन या किस्मत की बात है। लेकिन नई रिसर्च बताती है कि हमारी प्लेट में रखा मांस भी UTI की बड़ी वजह बन सकता है।
अमेरिका की साउदर्न कैलिफोर्निया में हुई एक स्टडी के मुताबिक, करीब 5 में से 1 UTI केस दूषित मांस से जुड़ा हो सकता है। इस रिसर्च में वैज्ञानिकों ने 2017 से 2021 के बीच 2,300 से ज्यादा UTI मरीजों के यूरिन सैंपल की जांच की और उनकी तुलना दुकानों से लिए गए चिकन, टर्की और पोर्क के मांस में मौजूद E. coli बैक्टीरिया से की। इसके नतीजे चौंकाने वाले थे, टर्की में 82%, चिकन में 58%, पोर्क में 54% मांस में E. coli पाया गया। करीब 18% UTI मामलों में वही बैक्टीरिया मिले जो मांस में थे। महिलाओं में यह खतरा ज्यादा दिखा।
E. coli बैक्टीरिया आमतौर पर हमारी आंत में रहते हैं और वहां नुकसान नहीं करते। लेकिन जब यही बैक्टीरिया कच्चे मांस के जरिए हाथ, किचन स्लैब, चाकू या सब्जियों तक पहुंच जाते हैं, तो खतरा बढ़ जाता है। अगर हाथ ठीक से न धोए जाएं या कच्चा मांस और सब्जियां एक ही बोर्ड पर काटी जाएं, तो ये बैक्टीरिया शरीर में जाकर मूत्र मार्ग तक पहुंच सकते हैं और UTI कर सकते हैं।पकाने से बैक्टीरिया मर जाते हैं, लेकिन क्रॉस-कंटैमिनेशन यानी कच्चे मांस का रस इधर-उधर फैलना सबसे बड़ी समस्या है।
इन संकेतों को नजरअंदाज न करें:
समय पर इलाज न हो तो इंफेक्शन किडनी तक पहुंच सकता है, जो खतरनाक हो सकता है। डायबिटीज और बुजुर्गों में जोखिम ज्यादा रहता है।