जयपुर

जिस बेटे को पिता ने दी किडनी, उसी ने अब SMS अस्पताल की छठी मंजिल से कूदकर की खुदकुशी; बेबस पिता का रो-रोकर बुरा हाल

SMS Hospital Suicide Case: राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में गुरुवार सुबह हृदयविदारक घटना सामने आई। सुपर स्पेशियलिटी बिल्डिंग की छठी मंजिल से छलांग लगाकर एक मरीज ने खुदकुशी कर ली।
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Jan 08, 2026
मृतक हंसराज और किडनी दान करने वाले पिता गोगा राम। फोटो: पत्रिका

जयपुर। राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में गुरुवार सुबह हृदयविदारक घटना सामने आई। सुपर स्पेशियलिटी बिल्डिंग की छठी मंजिल से छलांग लगाकर एक मरीज ने खुदकुशी कर ली। यह घटना सुबह करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है। युवक की पहचान टोंक जिले के मालपुरा निवासी हंसराज जाट के रूप में हुई है। अचानक हुई इस घटना से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।

जानकारी के मुताबिक हंसराज करीब डेढ़ महीने से एसएमएस अस्पताल में भर्ती था। साढ़े तीन महीने पहले उसका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। ट्रांसप्लांट के लिए उसके पिता गोगा राम ने अपनी किडनी दान की थी। पिता ने बेटे को नया जीवन देने के लिए अपना अंग दान किया, लेकिन किसे पता था कि यह संघर्ष दर्दनाक त्रासदी में बदल जाएगा।

छठी मंजिल से गिरते ही सिर फटा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब 9:30 बजे हंसराज अचानक बिल्डिंग की रेलिंग के पास गया और नीचे कूद गया। छठी मंजिल से गिरकर वह नीचे पोर्च में आ गिरा। युवक के गिरने के बाद पोर्च में चारों तरफ खून ही खून फैल गया। सिर फटने से जगह-जगह मांस के टुकड़े फैल गए। तेज आवाज सुनते ही मौके पर मौजूद अस्पताल स्टाफ और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे। गंभीर हालत में उसे तुरंत ट्रोमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।

इलाज पर खर्च हुए थे 12 लाख रुपए

बिलखते हुए हंसराज के पिता गोगा राम ने बताया कि उसने ही बेटे को किडनी दी थी। बेटे के इलाज पर करीब 12 लाख रुपए खर्च आया था। घटना के समय वह वार्ड में था। वार्ड में चाय पीने के बाद बेटा बाहर आ गया था और छठी मंजिल से छलांग लगा दी।

3 दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती हुआ था मरीज

डॉक्टरों ने बताया कि हंसराज का साढ़े तीन महीने पहले किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। उसके पिता ने ही किडनी डोनेट की थी। सफल ऑपरेशन के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। 2 महीने तक किडनी ठीक से काम कर रही थी। लेकिन, अचानक कुछ परेशानी आने पर मरीज को कुछ दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

पिता का रो-रोकर बुरा हाल

बेटे को किडनी दान करने वाले पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के 2 छोटे-छोटे बच्चे हैं। हंसराज के मौत की खबर से गांव में भी शोक लहर दौड़ गई। मृतक जयपुर में 22 गोदाम स्थित एमजीएफ मॉल में नौकरी करके अपने प​रिवार का पालन-पोषण करता था।

Updated on:
08 Jan 2026 02:48 pm
Published on:
08 Jan 2026 01:51 pm