जयपुर

Jagan Gurjar : जब तोड़ डाली थी बेटी की शादी में खाई अपराध छोड़ने की कसम, फिर करीब 2 दशक तक फैलाई दहशत

Jagan Gurjar Murder: चंबल के बीहड़ों में कभी खौफ का दूसरा नाम रहे कुख्यात पूर्व दस्यु जगन गुर्जर ने पहली बार साल 1994 में रखा अपराध की दुनिया में कदम रखा। जेल से छूटने के बाद उसने चंबल के बीहड़ों में ऐसा रास्ता चुना कि अपराध के दलदल में फंसता ही चला गया।
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Jun 30, 2026
Jagan Gurjar
जगन गुर्जर। पत्रिका फाइल फोटो

जयपुर। चंबल के बीहड़ों में कभी खौफ का दूसरा नाम रहे कुख्यात पूर्व दस्यु जगन गुर्जर ने पहली बार साल 1994 में रखा अपराध की दुनिया में कदम रखा। जेल से छूटने के बाद उसने चंबल के बीहड़ों में ऐसा रास्ता चुना कि अपराध के दलदल में फंसता ही चला गया। बेटी की शादी पर कसम खाने के बाद भी उसने रास्ता नहीं बदला। वह धमकियां, फायरिंग, हत्या, अपहरण और महिलाओं से दुर्व्यवहार जैसे गंभीर आरोपों के बीच करीब दो दशक तक अपराध जगत में चर्चित नाम बना रहा। हालांकि, धौलपुर के दस्यु इतिहास का चर्चित अध्याय अब खत्म हो गया है। जगन गुर्जर की सोमवार को अजमेर की हाईसिक्योरिटी जेल में साथी बंदी विष्णु ने गला घोंटकर हत्या कर दी। आरोपी विष्णु ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। बता दें कि जगन गुर्जर 2026 से हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था।

बाड़ी उपखंड के बाई डांग थाना क्षेत्र के विभूतिपुरा गांव निवासी पूर्व दस्यु जगन गुर्जर कभी दूध बेचने का काम करता था। लेकिन, उसके खिलाफ पहली बार 1994 में पुलिस थाने में मामला दर्ज होने के बाद वह गिरफ्तार हुआ और जेल की हवा खानी पड़ी। जेल में उसकी जान-पहचान कई अपराधियों से हुई और उसने चंबल के बीहड़ों का रास्ता पकड़ लिया। इसके बाद से वह इनामी दस्यु के रूप में पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनता चला गया।

गुर्जर आंदोलन के दौरान पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था

जगन गुर्जर का नाम वर्ष 2008 के गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान उस समय राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया था, जब भरतपुर के बयाना क्षेत्र के पीलूपुरा में गुर्जर आंदोलन के दौरान जगन गुर्जर ने हथियार लहराते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पैलेस को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। इसके बाद पुलिस ने उस पर 11 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। इसी दिन धौलपुर जिले के बसई डांग थाना के नयापुरा में हुए हत्याकांड में उसका नाम सामने आया। पुलिस ने तलाश तेज हुई तो उसने करौली के देवनारायण मेले में आत्मसमर्पण कर दिया। बाड़ी के तत्कालीन विधायक को जान से मारने की धमकी को लेकर भी जगन चर्चा में रहा था।

दहशत ऐसी… शाम ढलते ही घरों में कैद हो जाते थे लोग

चंबल के बीहड़ों से लेकर जेल की सलाखों तक उसका नाम अपराध की दुनिया में चर्चा का विषय बना रहा। उसकी दहशत इतनी थी कि आसपास के गांवों में लोग शाम ढलते ही घरों में कैद हो जाते थे। उसके भय से उसके गांव में वर्षों तक शादियां तक नहीं हुई और परिवार भी गांव छोड़ने को मजबूर हो गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जगन गुर्जर के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, अपहरण, रंगदारी, मारपीट, अवैध हथियार और अन्य गंभीर धाराओं में 100 से ज्यादा प्रकरण दर्ज है। लेकिन, मौजूदा हालात में करीब 30 आपराधिक मामले विचाराधीन थे।

...जब तोड़ डाली थी बेटी की शादी में खाई अपराध छोड़ने की कसम

करीब 15 वर्ष पहले बेटी की शादी के दौरान जगन गुर्जर ने अपराध छोड़ने की कसम खाई थी। इसके बाद उसने वर्ष 2010 जून में आत्मसमर्पण भी किया था। इसके बाद कुछ दिनों तक सामान्य जिंदगी जीता रहा। लेकिन जमानत पर रिहा होने के बाद फिर से अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया। फिलहाल, जगन गुर्जर मार्च 2026 में थाना कोतवाली बाड़ी के मारपीट के मामले में जेल गया था। जिसे कुछ दिन बाद ही अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल भेज दिया।

ऐसा रहा जगन गुर्जर का आपराधिक रिकॉर्ड

32 साल के आपराधिक सफर में उसके खिलाफ राजस्थान और मध्य प्रदेश में कई गंभीर मामले दर्ज हुए। वह 78 मामलों में बरी हो चुका था। वहीं 8 मामलों में दोष सिद्ध हुआ, 16 मामले ट्रायल में थे, 1 मामले में जमानत खारिज थी, 6 मामले जांचाधीन थे, 10 अन्य मामले लंबित थे। इसके अलावा मध्य प्रदेश में 9 मामले दर्ज थे।

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Published on:
30 Jun 2026 09:59 am