राजधानी जयपुर में गर्भवती महिला से छेड़छाड़ मामले में पुलिस की लापरवाही पर एक महीने बाद बड़ा एक्शन हुआ। जवाहर सर्किल SHO आशुतोष कुमार को लाइन हाजिर किया गया, दो पुलिसकर्मी पहले ही सस्पेंड हो चुके हैं।
Jaipur Crime News: जयपुर में कानून-व्यवस्था और विशेष रूप से महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस कमिश्नरेट ने सख्त रुख अख्तियार किया है। मालवीय नगर इलाके में एक गर्भवती महिला के साथ सरेराह हुई छेड़छाड़ की घटना के करीब एक महीने बाद पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बड़ी कार्रवाई की है।
बता दें कि पुलिस कमिश्नर ने कार्रवाई करते हुए जवाहर सर्किल थाना प्रभारी आशुतोष कुमार को लाइन हाजिर कर दिया है। इसके साथ ही शहर के प्रशासनिक ढांचे में फेरबदल करते हुए चार अन्य पुलिस निरीक्षकों के भी तबादले किए गए हैं।
यह विवादित मामला 16 अप्रैल को सामने आया था, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। राहुल गुर्जर नामक आरोपी ने एक गर्भवती महिला के साथ बीच सड़क पर अश्लील हरकत और छेड़छाड़ की थी। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे।
स्थानीय लोगों और पीड़िता के परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने शुरुआत में मामले को हल्के में लिया। आरोपी को हिरासत में लेने के बावजूद शुरुआती जांच में ढिलाई बरती गई और उसे छोड़ दिया गया, जिससे जनता में भारी आक्रोश फैल गया। मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस की विशेष टीमें गठित की गईं, जिन्होंने आरोपी को मध्य प्रदेश के बीहड़ों से गिरफ्तार किया।
पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने ड्यूटी में कोताही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ा प्रहार किया है। इस मामले में पहले ही दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका था, लेकिन अब गाज थाना प्रभारी पर गिरी है।
पुलिस विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई जनता के विश्वास को बहाल करने और यह संदेश देने के लिए की गई है कि महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जवाहर सर्किल और मालवीय नगर जैसे पॉश इलाकों में इस तरह की घटना होना और फिर पुलिस का सुस्त रवैया अपनाना, विभाग की छवि पर एक दाग की तरह था। हालांकि, आरोपी राहुल गुर्जर फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे है, लेकिन इस सर्जरी के माध्यम से पुलिस प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि फील्ड में तैनात अधिकारियों को अपनी जवाबदेही तय करनी होगी।
जयपुर पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों में भय और आमजन, विशेषकर महिलाओं में सुरक्षा का भाव पैदा होने की उम्मीद है। नए थाना प्रभारियों के लिए चुनौती अब अपने-अपने क्षेत्रों में रात्रि गश्त और महिला सुरक्षा प्रोटोकॉल को और अधिक मजबूत बनाने की होगी।