Jaipur Factory Fire Update: जयपुर के खो नागोरियान थाना इलाके में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड के बाद जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने कड़ा रुख अपनाया है। लापरवाही के दोषी पाए जाने पर खो नागोरियान थानाधिकारी (SHO) सहित नौ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है।

Jaipur Firecracker Factory Fire : जयपुर। राजधानी जयपुर के खो नागोरियान थाना इलाके में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। मामले में प्रारंभिक जांच के दौरान ही बीट और थाना स्तर पर गंभीर लापरवाही सामने आने पर जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने कड़ा रुख अपनाया है। लापरवाही के दोषी पाए जाने पर खो नागोरियान थानाधिकारी (SHO) सहित नौ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है। बता दें कि खोह नागोरियान में मंगलवार को अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए अग्निकांड में 8 लोगों की मौत हो गई थी।
कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि अंतरिम जांच रिपोर्ट में लापरवाही उजागर होने के बाद थानाधिकारी ओमप्रकाश मातवा, हेड कांस्टेबल अशोक, कांस्टेबल रामावतार, कांस्टेबल दिनेश, कांस्टेबल आसिफ, कांस्टेबल हरेन्द्र और कांस्टेबल अशोक को निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले, घटना के तुरंत बाद ही पुलिस उपायुक्त पूर्व (DCP East) रंजीता शर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एएसआई अमर सिंह और हेड कांस्टेबल पप्पू राम को सस्पेंड कर दिया था। इस प्रकार कुल नौ पुलिसकर्मियों पर निलंबन की गाज गिरी है।
खो नागोरियान अग्निकांड की जांच पुलिस कमिश्नर ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अजय सिंह को पूरी कमान सौंपी है। उनके निर्देशन में एक विशेष जांच समिति (SIT) का गठन किया गया है। यह समिति हादसे के सभी पहलुओं, इलाके के पुलिस अधिकारियों की भूमिका और सुरक्षा मानकों की पालना में हुई चूक की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। कमिश्नर ने साफ किया कि इस रिपोर्ट के आधार पर जो भी अन्य अधिकारी या व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
हादसे के बाद पुलिस कमिश्नर ने जयपुर शहर के सभी जिला पुलिस उपायुक्तों और थानाधिकारियों को अपने-अपने इलाकों में विशेष सर्वे और निरीक्षण अभियान चलाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
अवैध गोदामों पर शिकंजा: शहर में कहीं भी अवैध रूप से संचालित कारखानों, गोदामों, पटाखा भंडारण स्थलों और जोखिमपूर्ण गतिविधियों को तुरंत चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डोर-टू-डोर चेकिंग: थाना स्तर पर बीट अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को अपने-अपने क्षेत्रों में 'डोर-टू-डोर' (घर-घर) सर्वे करना होगा, ताकि रिहायशी इलाकों में छिपे अवैध विस्फोटक सामग्री और पटाखों के गोदामों का पर्दाफाश किया जा सके।