Rajasthan Budget: प्रदेश में अब जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री घर बैठे ऑनलाइन की जा सकेगी। सभी 106 उप-पंजीयन कार्यालयों को मॉडल कार्यालय बनाकर अपीलों का निस्तारण 60 दिन में किया जाएगा।
Rajasthan Budget 2026 जयपुर। राजस्थान बजट 2026 में वित्त मंत्री दिया कुमारी ने जमीन-जायदाद के रजिस्ट्रेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव करने की घोषणा की है। प्रदेश को इज ऑफ डूइंग बिजनेस में देश का टॉप अचीवर बताते हुए उन्होंने कहा कि अब आमजन को रजिस्ट्री के लिए दफ्तरों के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। सरकार प्रदेशभर में ई-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू करेगी, जिससे पक्षकारों का वेरिफिकेशन, स्लॉट बुकिंग और डिजिटल सर्टिफाइड कॉपी घर बैठे उपलब्ध हो सकेगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि भूमि और संपत्ति के लेन-देन की प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में अब पहले प्रस्तावित 50 सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के बजाय प्रदेश के सभी 106 पूर्णकालिक उप-पंजीयन कार्यालयों को अत्याधुनिक मॉडल कार्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इन कार्यालयों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
रजिस्ट्रेशन से जुड़ी अपीलों में देरी पर लगाम लगाने के लिए राजस्थान सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब सभी अपीलों का अधिकतम 60 दिन में निस्तारण अनिवार्य होगा। इससे लंबित मामलों में कमी आएगी और संपत्ति से जुड़े विवादों का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा।
सरकार ने इंस्टेंट और एनीव्हेयर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अवधारणा को लागू करने की घोषणा की है। इसके तहत दस्तावेजों की ऑनलाइन प्रक्रिया, डिजिटल सत्यापन और प्रमाणित कॉपी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
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वित्त मंत्री ने बताया कि बिजनेस रिफॉर्म्स के क्षेत्र में राजस्थान को देशभर में ‘टॉप अचीवर’ का दर्जा मिला है। ई-रजिस्ट्रेशन और मॉडल कार्यालयों की पहल से निवेशकों को भी बड़ी राहत मिलेगी। उद्योग जगत लंबे समय से संपत्ति रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने की मांग कर रहा था।
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