Rajasthan Budget: राजस्थान विधानसभा में वित्त मंत्री दीया कुमारी ने पारंपरिक डार्क मैरून ब्रीफकेस की जगह ‘भगवा बैग’ के साथ पेपरलेस बजट पेश करेंगी। सरकार ने इसे सांस्कृतिक पहचान व आधुनिक डिजिटल सोच का प्रतीक बताया।
Rajasthan Budget 2026: राजस्थान विधानसभा में आज एक ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला। दशकों से चली आ रही 'डार्क मैरून' ब्रीफकेस की परंपरा को पीछे छोड़ते हुए, उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी इस बार हाथ में 'भगवा बैग' लेकर सदन पहुंचीं। यह बदलाव महज प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि राजस्थान की भजनलाल सरकार के गहरे सांस्कृतिक और राजनीतिक विजन को दर्शाता है।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का आगाज आजादी के बाद से ही बजट पेश करने के लिए चमड़े के डार्क मैरून या काले ब्रीफकेस का इस्तेमाल होता आया है, जो ब्रिटिश कालीन 'बजट बॉक्स' की याद दिलाता था।
हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा 'बही-खाता' अपनाने के बाद अब राजस्थान ने भी अपनी जड़ों की ओर लौटने का फैसला किया है। भगवा रंग, जिसे 'त्याग, सेवा और शक्ति' का प्रतीक माना जाता है, अब प्रदेश की आर्थिक नीतियों की पहचान बनेगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे 'ऐतिहासिक' करार देते हुए स्पष्ट किया है कि यह बजट 'आस्था और अर्थव्यवस्था' का अनूठा संगम होगा। सियासी गलियारों में माना जा रहा है कि बैग का बदला हुआ रंग इस बात का संकेत है कि बजट में धार्मिक पर्यटन, मंदिरों के जीर्णोद्धार और हेरिटेज सर्किट के विकास के लिए बड़ा बजट आवंटित किया जा सकता है।
भगवा बैग में 'डिजिटल टैबलेट' भले ही बजट का बाहरी आवरण पारंपरिक और सांस्कृतिक रंगों में रंगा है, लेकिन इसके भीतर की तकनीक पूरी तरह आधुनिक है। वित्त मंत्री दीया कुमारी ने Digital Tablet के जरिए 'पेपरलेस' बजट पेश कर यह संदेश दिया कि सरकार परंपराओं का सम्मान करते हुए आधुनिकता और पर्यावरण संरक्षण के साथ आगे बढ़ रही है।
इस 'भगवा बजट' से राजस्थान के युवाओं को रोजगार, महिलाओं को सुरक्षा और सशक्तिकरण, और किसानों को सिंचाई व बिजली से जुड़ी बड़ी घोषणाओं की उम्मीद है। विजन 2047 की कसौटी पर कसते हुए, यह बजट प्रदेश को 4.3 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की दिशा में पहला ठोस कदम माना जा रहा है।