कोटा

OMG: मौसम की मार से लोग ही नहीं, व्यवस्थाएं भी हुर्इ बीमार

चम्बल किनारे बसे पूरा रंगपुर गांव मौसमी बीमारियों की चपेट में। लेकिन अब तक यहां कोई सर्वे नहीं हुआ। न फोगिंग हुई न एंटी लार्वा एक्टिविटी हुई।

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Oct 27, 2017
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रंगपुर की बीमार महिलाएं

प्रदेश के चिकित्सा मंत्री भले ही कोटा में डेंगू से तीन ही मौतें होने का दावा कर रहे हों, लेकिन शहर सहित आस-पास के गांवों में लोग डेंगू व मौसमी बीमारियों की गिरफ्त में हैं। हर घर में मौसमी बीमारियों के मरीज हैं। लोग काम-धंधे छोड़ परिजनों का उपचार कराने में व्यस्त हैं। पत्रिका टीम ने गुरुवार को शहर से सटे चम्बल किनारे स्थित रंगपुर गांव का जायजा लिया। यहां कुछ घरों में जाकर देखा तो हर घर में डेंगू व मौसमी बीमारियों के मरीज मिले। हालातों को बयां करती पेश है एक रिपोर्ट...।

गंदगी का अम्बार

पूर्व सरपंच गजेंद्र शर्मा व रामचंद्र ने बताया कि गांव में जगह-जगह गंदगी का अम्बार लगा हुआ है। नालियों की सफाई नहीं होती। नलकूप, ट्यूबवेल के पास गंदला पानी भरा रहता है। जहां मच्छर पनप रहे हैं। चिकित्सा विभाग को सूचना देने के बाद भी रोगियों का सर्वे करने कोई नहीं आया। अब तक फोगिंग भी नहीं हुई है।

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बंद रहती है पीएचसी

गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। जहां एक नर्स पद स्थापित है। ग्रामीणों ने बताया कि पीएचसी समय पर नहीं खुलती। अधिकांश समय बंद रहती है। यहां कम्पाउंडर व चिकित्सक लगाने के लिए भी चिकित्सा विभाग को अवगत करा दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

बस दवा दे कर भेज देते हैं

ग्रामीण बसंतीलाल ने बताया कि गांव में मौसमी बीमारियों का प्रकोप फैला हुआ है। 15 दिन हो गए बुखार आते हुए। रोजाना डॉक्टर के जाता हूं, वो दवा देकर भेज देते हैं। रामपाल ने कहा कि घर की सभी महिलाएं बीमार हैं। डेंगू और मलेरिया का प्रकोप है। घर का काम करने वाला तक नहीं बचा। दीपावली तक ठीक से नहीं मना पाए।

अस्पतालों के काट रहे चक्कर

रंगपुर की मयंका, मनफूला, निर्मला व अन्य महिलाओं ने बताया कि उनके घर में 7 जने बीमार हैं। इनमें 6 महिलाएं व एक बच्ची दशहरे से बीमार है। इलाज के लिए रोजाना अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। कभी जांच के लिए तो कभी दवा के लिए। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि यहां से रोजाना 50-60 मरीज सरकारी व निजी अस्पतालों में उपचार के लिए कोटा जा रहे हैं, कई तो भर्ती भी हैं।

एक नर्स, वो भी फील्ड पर

सीएमएचओ आर.के. लवानिया ने जानकारी दी कि रंगपुर सब सेंटर में एक नर्स पद स्थापित है। हो सकता है फील्ड वर्क के कारण वह समय पर सेंटर नहीं खोल पा रही हो। यदि गांव में मौसमी बीमारियों का प्रकोप है तो सर्वे करवाएंगे। एंटी लार्वा एक्टिविटी करवाएंगे।

Published on:
27 Oct 2017 12:52 pm