
Healthy Night Habits: हम में से ज्यादातर लोग सोचते हैं कि सेहतमंद रहने के लिए सिर्फ अच्छा खाना और कसरत करना ही काफी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारी रात की कुछ छोटी-छोटी आदतें चुपके से हमारी सेहत को अंदर ही अंदर खोखला कर रही होती हैं।
डॉक्टर सौरभ सेठी (गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट) ने चिकित्सा की दुनिया में पूरे 25 साल बिताने के बाद, रात की 7 आदतों को खुद की जिंदगी से बाहर कर दिया है। डॉक्टर का कहना है कि ये आदतें हमारी नींद ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर को बीमार बना रही हैं। आइए समझते हैं कि वे 7 आदतें कौन सी हैं और उन्हें छोड़ना क्यों जरूरी है।
हेल्थलाइन के अनुसार, वैसे तो पानी पीना सेहत के लिए वरदान है, लेकिन सोने से ठीक पहले बहुत ज्यादा पानी पीने से बचना चाहिए। उम्र बढ़ने के साथ रात में बार-बार टॉयलेट जाने की समस्या (नोक्टुरिया) बढ़ने लगती है। जब आप रात को बार-बार पेशाब करने के लिए उठते हैं, तो आपकी गहरी नींद बार-बार टूटती है।
दिनभर की थकान के बाद बिस्तर पर लेटकर रील्स या सोशल मीडिया देखना हम सबकी आदत बन चुका है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, मोबाइल स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी (ब्लू लाइट) हमारे दिमाग में मेलाटोनिन नाम के हार्मोन को बनने से रोक देती है। यह वही हार्मोन है जो हमें सुकून की नींद सुलाने में मदद करता है। फोन चलाने से यह हार्मोन कम हो सकता है, जिससे नींद आने में दिक्कत होती है।
सोने से ठीक पहले या रात के 11-12 बजे डिनर करने की आदत पेट के लिए सबसे बड़ा दुश्मन है। रिसर्च बताती है कि सोने और खाने के बीच अगर 3 घंटे का गैप न हो, तो पेट में भयंकर गैस, एसिडिटी और सीने में जलन (GERD) का खतरा 7 गुना बढ़ जाता है।
कई लोगों को लगता है कि रात में थोड़ी सी शराब (अल्कोहल) पीने से नींद अच्छी आती है। डॉक्टर कहते हैं कि यह बहुत बड़ा वहम है। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, शराब पीने से आप थोड़ी देर के लिए बेहोशी जैसी नींद में तो चले जाते हैं, लेकिन इससे आपकी नींद की क्वालिटी 24% तक घट जाती है। आप सोते तो लंबा हैं, लेकिन सुबह उठकर थका हुआ ही महसूस करते हैं।
अगर बहुत ज्यादा जरूरी न हो, तो रात के समय खुद से दर्द की गोलियां (NSAIDs) खाने से बचना चाहिए। जब हम सो रहे होते हैं, तो हमारे पेट के अंदरूनी हिस्से की मरम्मत (रिपेयरिंग) का काम सबसे धीमा होता है। ऐसे में रात को पेनकिलर खाने से पेट की अंदर की सुरक्षा परत को नुकसान पहुंचने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे आगे चलकर पेट में छाले या अल्सर हो सकते हैं।
हममें से कई लोगों को शाम की चाय या कॉफी बेहद पसंद होती है। लेकिन कैफीन (जो चाय-कॉफी में होता है) का असर हमारे शरीर में 5 से 8 घंटे तक रहता है। इसका मतलब है कि अगर आपने दोपहर 2 बजे भी कॉफी पी है, तो उसका आधा असर आपके सोने के समय तक शरीर में बना रहेगा। यह आपके दिमाग को शांत नहीं होने देता और आपकी नींद का टाइम खराब कर देता है।
कभी रात 10 बजे सो जाना तो कभी रात 2 बजे तक जागना, सोने का यह बिगड़ा हुआ टाइम टेबल आपके शरीर के पूरे सिस्टम को हिला देता है। सोने के समय में सिर्फ 1 घंटे का हेर-फेर भी शुगर (हाई ब्लड शुगर), मोटापा और कोलेस्ट्रॉल जैसी बड़ी बीमारियों का खतरा 27% तक बढ़ा देता है। हमारा शरीर एक घड़ी की तरह काम करता है, इसलिए रोज एक ही फिक्स समय पर सोने की आदत डालें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।