Iced Tea Pine Ke Fayde : गर्मियों की चिलचिलाती धूप हो या सर्दियों की ठंडी दोपहर, आइस्ड टी एक ऐसा पेय है जो हर मौसम में ताजगी और सेहत दोनों देता है। आइए जानते हैं कि यह ठंडा और सुगंधित पेय कैसे हमारे शरीर को फायदा पहुंचाता है और इसे कैसे बनाएं।
Right Time To Drink Iced Tea : गर्मियों के मौसम में या जब भी कुछ ठंडा और ताज़गी भरा पीने का मन करे, तो आइस्ड टी (Iced Tea) का ख्याल सबसे पहले आता है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हाइड्रेटिंग भी होती है। लेकिन क्या आइस्ड टी पीने का भी कोई सही समय होता है? या इसे कभी भी पिया जा सकता है?
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि वैसे तो आइस्ड टी (Iced Tea) को आप अपनी पसंद के हिसाब से कभी भी पी सकते हैं, लेकिन कुछ खास समय इसे पीना ज़्यादा फायदेमंद हो सकता है, और कुछ समय पीने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं कब पीना है बेहतर:
दोपहर या शाम की सुस्ती में: जब दोपहर के खाने के बाद या शाम को थोड़ी सुस्ती महसूस हो रही हो, तो एक ग्लास बिना चीनी वाली या कम चीनी वाली आइस्ड टी आपको तुरंत ताज़गी दे सकती है। अगर इसमें कैफीन है (जैसे ब्लैक या ग्रीन टी से बनी है), तो यह आपकी एनर्जी बूस्ट करने में भी मदद करेगी।
वर्कआउट से पहले (बिना चीनी वाली): अगर आप वर्कआउट करने जा रहे हैं और आपको थोड़ी एनर्जी चाहिए, तो बिना चीनी वाली आइस्ड टी (Iced Tea) पी सकते हैं। यह आपको हाइड्रेट भी रखेगी।
गर्मी के दिनों में कभी भी: ज़ाहिर है, जब बाहर तेज़ गर्मी हो और शरीर को ठंडक चाहिए हो, तो आइस्ड टी (Iced Tea) एक बेहतरीन विकल्प है। यह शरीर को ठंडा रखती है और पानी की कमी नहीं होने देती।
मीठे ड्रिंक्स के बजाय: अगर आपको सोडा या मीठे जूस पीने की आदत है, तो उसकी जगह बिना चीनी या हल्के मीठे वाली आइस्ड टी पीना सेहत के लिए ज़्यादा फायदेमंद है।
आवश्यक सामग्री
पानी – 4 कप
टी बैग्स – 4 (ब्लैक, ग्रीन या हर्बल)
शक्कर या शहद – स्वादानुसार
नींबू के टुकड़े, पुदीना या फल – सजावट के लिए
बर्फ के टुकड़े
बनाने की विधि:
पानी को उबालें।
उसमें टी बैग्स डालें और 5-7 मिनट तक ढक कर रखें।
शक्कर या शहद डालना चाहें तो गर्म ही डालें।
ठंडा होने दें, फिर फ्रिज में रखें।
बर्फ डालें, नींबू या पुदीना से सजाएं और परोसें।
ग्रीन और व्हाइट टी में मौजूद कैटेचिन्स और फ्लावोनॉयड्स शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं। ये त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं और कैंसर व हृदय रोगों का खतरा घटाते हैं।
जब साधारण पानी पीने का मन न हो, तब आइस्ड टी एक स्वादिष्ट और हाइड्रेटिंग विकल्प बन जाती है। खासकर हर्बल और फ्रूट-इन्फ्यूज्ड वर्ज़न शरीर को नमी प्रदान करते हैं।
ब्लैक और ग्रीन आइस्ड टी में मौजूद फ्लावोनॉयड्स कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं और रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं। नियमित सेवन से हार्ट अटैक और स्ट्रोक की संभावना घटती है।
ग्रीन आइस्ड टी में मौजूद कैटेचिन्स मेटाबॉलिज्म तेज करते हैं और वसा जलाने में मदद करते हैं। यह लो-कैलोरी ड्रिंक शुगर ड्रिंक्स की तुलना में कहीं बेहतर विकल्प है।
पेपरमिंट, अदरक और कैमोमाइल जैसी हर्बल आइस्ड टी अपच, गैस और पेट दर्द में आराम देती हैं। साथ ही चाय में मौजूद पॉलीफिनॉल अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं
हर्बल आइस्ड टी में अदरक, तुलसी, और लेमन जैसे तत्व प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं। शहद डालने से इसका एंटीमाइक्रोबियल असर और भी बढ़ जाता है।
ग्रीन टी में मौजूद EGCG तत्व कोलेजन को बढ़ावा देते हैं और झुर्रियों को कम करते हैं। हिबिस्कस या कैमोमाइल आइस्ड टी त्वचा को भीतर से साफ और शांत करती है।
कैमोमाइल, लैवेंडर और लेमन बाम वाली हर्बल आइस्ड टी तनाव और बेचैनी दूर करती हैं। दिन के अंत में एक ग्लास ठंडी हर्बल टी मन को सुकून देती है।
ग्रीन आइस्ड टी में मौजूद पॉलीफिनॉल्स बैक्टीरिया को खत्म करते हैं जिससे दांतों की सड़न और सांस की बदबू से राहत मिलती है। मीठा न मिलाएं तो यह ओरल हेल्थ के लिए बेहतरीन है।
आइस्ड टी सिर्फ एक पेय नहीं, एक स्वास्थ्यवर्धक जीवनशैली का हिस्सा बन सकता है। आज ही इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें और स्वाद के साथ सेहत का आनंद लें।
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डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल जागरूकता के लिए है और यह किसी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी दवा या उपचार को अपनाने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लें।