लखनऊ

मोदी सरकार के चार सालों पर अखिलेश यादव ने कुछ यूं दी बधाई, फीका कर दिया भाजपाइयों का जश्न!

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोदी सरकार के चार सालों पर तीखा तंज कसा है...
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May 26, 2018
Akhilesh Yadav
मोदी सरकार के चार सालों पर अखिलेश यादव ने कुछ यूं दी बधाई, भाजपाइयों का जश्न कर दिया फीका!

लखनऊ. 26 मई को नरेंद्र मोदी सरकार के चार साल पूरे हो गये हैं। भाजपाई इसे उपलब्धि के तौर पर मना रहे हैं, वहीं विपक्ष बीजेपी को फेल सरकार बताने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोदी सरकार के चार सालों पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में दलित, गरीब, महिला, किसान, व्यापारी और बेरोजगार परेशान हैं और सरकार जश्न मना रही है।

शनिवार सुबह ट्वीट करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि राजनीति में भ्रष्टाचार का खेल, बैंकिंग सिस्टम हुआ फेल। पेट्रोल-डीज़ल के दाम उच्चतम, डॉलर के मुक़ाबले रुपया न्यूनतम। देश से घोटालेबाज़ फ़रार, विदेशों से दिखावे के क़रार। महंगाई पर जीएसटी की मार, दलित, ग़रीब, महिला पर वार। किसान, बेरोज़गार, कारोबारी बेहाल, मुबारक हों ये चार साल!

अखिलेश यादव ने मोदी सरकार से पूछे सवाल
अखिलेश यादव ट्विटर पर खासे सक्रिय रहते हैं। ट्विटर के जरिये ही वह केंद्र की नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते रहते हैं। पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी पर अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार को घेरते हुए कहा था कि कर्नाटक का परिणाम पलटते ही पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गये, जबकि 19 दिन पहले तक नहीं बढ़े थे। उन्होंने कहा बीजेपी सरकार से सवाल पूछते हुए कहा था कि क्या जनता को सरकार के खिलाफ जाने की सजा मिल रही है? यह निंदनीय है।

जब महोबा में किसानों के बीच पहुंचे अखिलेश यादव
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व्यापारी और किसान वर्ग के साथ ही हर जगह पहुंच रहे हैं। ट्विटर पर उनकी समस्याओं को मुद्दे की तरह उठा रहे हैं। हाल ही में वह उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में किसानों के बीच पहुंचे, जहां उन्होंने बीजेपी सरकार पर एक के बाद एक तीखे शब्दबाण छोड़े। अखिलेश यादव ने महोबा दौरे की तस्वीरें शेयर करते हुए कहा कि प्रदेश में क़र्ज़ माफ़ी के नाम पर धोखा खाये किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हैं। सरकार की प्राथमिकता में कृषि और किसान क्यों महत्वहीन हो गया, ये सोचने का विषय है।

Published on:
26 May 2018 08:14 am
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