
लखनऊ. देश विदेश विदेश में अपने योग को लेकर चर्चा में रहे बाबा रामदेव यूपी के निवेश महोत्सव यानी इन्वेस्टर समिट में नहीं पहुंचे। उनकी गैर हाज़री चर्चा का विषय बनी रही। पतांजलि कंपनी आयुर्वेदिक उत्पादन की सबसे बड़ी स्वदेशी कंपनी है।
तय शिड्यूल के तहत उद्धघाटन के बाद देश के बड़े उद्योगपतियों का सम्बोधन होना था। प्रत्येक उद्योगपति के लिए तीन मिनट की समय सीमा तय की गई थी। इनमें अम्बानी, अडानी, बिरला के साथ बाबा रामदेव का नाम भी था। लेकिन न ही बाबा रामदेव और न ही पतंजलि के किसी प्रतिनिधि का सम्बोधन हुआ। इसके पीछे क्या वजह है ये बात सिर्फ चर्चा का विषय ही बना रहा।
इनको करना था संबोधन
प्रधानमंत्री की उपस्थिति में देश के ख्याति प्राप्त नौ प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी , गौतम अडानी, सुभाष चंद्रा, कुमार मंगलम बिड़ला, शोभना कामिनेनी,आनंद महिंद्रा, बाबा रामदेव, पंकज पटेल, रशेश शाह तथा एन. चंद्रशेखरन को अपने निवेश प्लान के बारे में विचार रखने थे। इनके अलावा मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति अनिरुद्ध जगन्नाथ को भी सम्बोधन करना था। सबने अपने विचार रखने और निवेश की घोषणा की लेकिन इस बीच बाबा रामदेव नहीं पहुंचे ।
अखिलेश यादव के दौर में की थी निवेश की इच्छा
नवंबर 2016 में बाबा रामदेव ने लखनऊ के लोकभवन में पतंजलि फूड पार्क का शिलान्यास किया था ।
उस दौरान कहा गया कि नोएडा में 1600 करोड़ की लागत से पतंजलि फूड पार्क बनेगा । 8000 लोगों को सीधे रोजगार भी मिलेगा।
दिसंबर में सीएम योगी से की थी इन्वेस्टर समिट को लेकर चर्चा
दिसंबर 2017 में सीएम योगी से बाबा रामदेव ने मुलाकात की थी । शिष्टाचार भेंट बताते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट-2018 के संदर्भ में चर्चा भी की। कहा गया कि उन्होंने राज्य में निवेश की इच्छा जतायी और वह बुंदेलखंड और नोएडा में निवेश करना चाहते हैं ।