
IRS Officer Attack Update: आयकर विभाग के संयुक्त आयुक्त और भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के वरिष्ठ अधिकारी योगेन्द्र मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उनके द्वारा लखनऊ स्थित प्रत्यक्षकर भवन (हजरतगंज) में अपने ही विभाग के उपायुक्त गौरव गर्ग पर किए गए कथित हमले के बाद की गई है। निलंबन आदेश बुधवार को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अंडर सेक्रेटरी नितिन पी. माने द्वारा जारी किया गया। साथ ही मिश्रा को पश्चिम बंगाल और सिक्किम मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया है।
घटना 29 मई 2025 की बताई जा रही है, जब IRS अधिकारी योगेन्द्र मिश्रा दोपहर करीब 3:30 बजे प्रत्यक्ष कर भवन स्थित उपायुक्त गौरव गर्ग के कक्ष में अचानक घुस आए। उस समय गौरव गर्ग अपने सहयोगियों रिचा रस्तोगी और शौर्य शाश्वत शुक्ला के साथ एक स्टाफ सदस्य के फेयरवेल की योजना पर चर्चा कर रहे थे।
गौरव गर्ग द्वारा दर्ज बयान के अनुसार मिश्रा ने कक्ष में घुसते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और कहा कि “मेरे ट्रांसफर के लिए तुम जिम्मेदार हो। मेरा ट्रांसफर वापस लखनऊ कराओ।” इसके तुरंत बाद उन्होंने वहां रखे कांच के गिलास को तोड़कर उससे गौरव गर्ग के चेहरे पर हमला कर दिया। चोट के कारण उनके मुंह से खून बहने लगा, बावजूद इसके मिश्रा ने उन्हें मुक्कों से पीटना जारी रखा। आरोप है कि उन्होंने भारी जूतों से गर्ग के संवेदनशील अंगों पर भी हमला किया।
उपायुक्त के साथ मौजूद वरिष्ठ अधिकारी रिचा रस्तोगी और शौर्य शाश्वत शुक्ला ने जब हमले को रोकने की कोशिश की, तो योगेन्द्र मिश्रा ने उनकी भी एक न सुनी। घटना के बाद कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत सुरक्षा कर्मियों को बुलाया गया। घटना की जानकारी हजरतगंज थाने को दी गई और मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में मिश्रा के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
घटना के बाद पुलिस ने बुधवार को आयकर उपायुक्त गौरव गर्ग के बयान दर्ज किए। जांच अधिकारी नरही चौकी प्रभारी अमित कुमार ने बयान दर्ज करने के साथ-साथ घटनास्थल का निरीक्षण भी किया। इस दौरान पुलिस ने उस समय मौजूद लोगों की स्थिति और घटनाक्रम का नजरी नक्शा भी तैयार किया। सीसीटीवी फुटेज की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की गई कि हमला कैसे हुआ और कितनी देर तक चला। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फुटेज में कई महत्वपूर्ण दृश्य कैद हुए हैं, जो जांच में अहम भूमिका निभाएंगे।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि चूंकि योगेन्द्र मिश्रा के विरुद्ध एक आपराधिक मामला दर्ज हुआ है, और उसकी जांच प्रारंभिक अवस्था में है, इसलिए उन्हें नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। इसके साथ ही, उन्हें लखनऊ से हटाकर पश्चिम बंगाल और सिक्किम मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया है। हालांकि, उन्हें अभी किसी नई जिम्मेदारी का कार्यभार नहीं सौंपा गया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद विभागीय गलियारों में यह भी चर्चा है कि योगेन्द्र मिश्रा की सोशल मीडिया गतिविधियां, विशेष रूप से मंच ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर की गई टिप्पणियां, उनके लिए समस्याओं का कारण बनीं। माना जा रहा है कि उन्होंने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर खुलेआम सवाल उठाए थे, जिससे माहौल पहले से ही तनावपूर्ण था।
आयकर मुख्यालय के कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच इस घटना के बाद गहरी चिंता और आक्रोश व्याप्त है। विभाग के कई कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ऐसी घटना कभी पहले नहीं हुई। “किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा अपने ही सहकर्मी पर इस तरह का हमला करना न केवल शर्मनाक है, बल्कि पूरे विभाग की छवि को धूमिल करता है,” एक अधिकारी ने कहा। एक अन्य कर्मचारी ने कहा, “हम अब अपने ऑफिस में भी सुरक्षित नहीं हैं। यह हमला बताता है कि विभागीय राजनीति किस हद तक व्यक्तिगत स्तर तक पहुंच चुकी है।”
योगेन्द्र मिश्रा भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के अधिकारी हैं, जो हाल ही में उत्तराखंड के काशीपुर में संयुक्त आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। लखनऊ उनका पूर्व कार्यस्थल रहा है और जानकारी के अनुसार, वे अपने तबादले से नाराज़ थे। सूत्रों की मानें तो उन्होंने अपने ट्रांसफर को रद्द कराने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए, लेकिन जब बात नहीं बनी, तो यह टकराव सामने आया।
इस घटना ने आयकर विभाग की आंतरिक कार्य संस्कृति और अनुशासन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर IRS जैसे प्रतिष्ठित सेवाओं में इस तरह की हिंसात्मक घटनाएं दुर्लभ होती हैं। विभाग अब यह सुनिश्चित करने के प्रयास में है कि कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यस्थल पर सुरक्षा बनी रहे और भविष्य में इस तरह की घटनाएं न दोहराई जाएं।
पुलिस और विभागीय दोनों ही स्तरों पर जांच जारी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो योगेन्द्र मिश्रा के खिलाफ न केवल आपराधिक कार्यवाही तेज होगी, बल्कि सेवा से बर्खास्तगी जैसी सख्त प्रशासनिक कार्रवाई भी संभव है। उधर, विभागीय सूत्रों का कहना है कि CBDT इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और वरिष्ठ स्तर पर निगरानी की जा रही है।