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UP Rain Alert : यूपी में बदला मौसम का मिजाज, लखनऊ समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

UP Weather Alert: उत्तर प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। लखनऊ समेत कई जिलों में बारिश के आसार हैं। पूर्वांचल में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी हुआ है।
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लखनऊ

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Ritesh Singh

•

Sep 25, 2026

बारिश के बीच राजधानी लखनऊ में बादलों से घिरा आसमान और सड़क का नजारा। (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

बारिश के बीच राजधानी लखनऊ में बादलों से घिरा आसमान और सड़क का नजारा। (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

UP Weather : बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पूर्वांचल के कई जिलों में बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना जताई है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी जारी की गई है। हवा की गति करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

मौसम में आए इस बदलाव का सीधा असर दिन के तापमान पर भी देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक करीब दो दर्जन जिलों में दिन के तापमान में चार से आठ डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। लगातार बारिश के कारण उमस से राहत मिलने के साथ तापमान में और गिरावट की संभावना है।

दक्षिण ओडिशा-छत्तीसगढ़ में बना अवदाब, उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा सिस्टम

राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन संख्या 19 के अनुसार, 25 सितंबर 2026 को सुबह 5:30 बजे भारतीय मानक समय पर दक्षिण आंतरिक ओडिशा और उससे लगे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर स्थित गहरा अवदाब पिछले छह घंटों के दौरान करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा। इसके बाद इसकी तीव्रता में कुछ कमी आई और यह अवदाब के रूप में कमजोर हो गया।

मौसम विभाग के अनुसार सुबह 5:30 बजे यह सिस्टम दक्षिण आंतरिक ओडिशा और उससे लगे छत्तीसगढ़ के ऊपर, नुआपाड़ा के समीप केंद्रित था। इसका केंद्र नुआपाड़ा से आसपास के क्षेत्र में स्थित बताया गया है। यह तितलागढ़ से करीब 90 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर पश्चिम, भवानीपटना से लगभग 100 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम, कांकेर से करीब 110 किलोमीटर पूर्व-उत्तर पूर्व और रायपुर से लगभग 120 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था। पूर्वानुमान के मुताबिक यह सिस्टम आगे भी उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ता रहेगा। अगले करीब 12 घंटे तक इसकी तीव्रता बने रहने की संभावना है। इसके बाद अगले 12 घंटों के दौरान यह धीरे-धीरे कमजोर होकर एक सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में तब्दील हो सकता है। इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों में व्यापक वृद्धि होने की संभावना जताई गई है।

पूर्वांचल में ज्यादा असर, कई जिलों में भारी बारिश की संभावना

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश के आसपास सक्रिय मौसम प्रणाली के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में बारिश का दायरा बढ़ेगा। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 24 से 48 घंटे के दौरान बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।

शनिवार को बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बाराबंकी, सुल्तानपुर और अयोध्या समेत आसपास के जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में रविवार तक भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। बारिश का प्रभाव केवल पूर्वांचल तक सीमित नहीं रहने वाला है। प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में 28 सितंबर तक रुक-रुककर बारिश का सिलसिला बना रह सकता है।

लखनऊ में पारा 29.6 डिग्री, सामान्य से 3.6 डिग्री नीचे

राजधानी लखनऊ में भी मौसम ने करवट ली है। गुरुवार को दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही और कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। बारिश और हवा के कारण दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। राजधानी में अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 3.6 डिग्री कम है। वहीं रात का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश के कारण राजधानी के लोगों को पिछले दिनों की गर्मी और उमस से राहत मिली है। मौसम में ठंडक बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में तापमान के और नीचे जाने की संभावना है। हालांकि लगातार बादल और बारिश के बीच स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। निचले इलाकों और जल निकासी की समस्या वाले क्षेत्रों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

दिन के तापमान में चार से आठ डिग्री तक गिरावट के संकेत

मौसम विभाग के अनुसार बारिश के इस दौर का असर प्रदेश के तापमान पर व्यापक रूप से पड़ सकता है। करीब 24 जिलों में दिन के तापमान में चार से आठ डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है। कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की उम्मीद है। मानसून की सक्रियता बढ़ने से प्रदेश में बारिश के आंकड़ों में भी सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है। लगातार बारिश से सामान्य वर्षा के आंकड़े को पूरा करने में मदद मिल सकती है। हालांकि बारिश का वितरण सभी जिलों में एक जैसा नहीं रहेगा। कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में कहीं-कहीं तेज बारिश देखने को मिल सकती है।

तेज हवाओं और गरज-चमक के बीच सतर्क रहने की सलाह

बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। ऐसे में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। तेज हवा के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के आसपास खड़े होने से बचना जरूरी है। किसानों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए खेतों में काम करने के दौरान सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक गरज-चमक के दौरान खुले मैदान में रुकना जोखिमपूर्ण हो सकता है। बिजली गिरने की आशंका वाले समय में सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर होगा। बारिश के दौरान यातायात की गति प्रभावित हो सकती है और कुछ स्थानों पर दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को सावधानी से यात्रा करनी होगी।

28 सितंबर तक बारिश का दौर, इसके बाद मौसम में बदलाव के संकेत

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में 28 सितंबर तक रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद मौसम प्रणाली कमजोर होने के साथ बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने के संकेत हैं। उपलब्ध पूर्वानुमान में सितंबर के अंतिम दिनों में मौसम के साफ होने की शुरुआत का संकेत दिया गया है। मूल सूचना में “29 अक्टूबर” का उल्लेख है, लेकिन 28 सितंबर तक बारिश के संदर्भ में यह तारीख घटनाक्रम से मेल नहीं खाती; इसे प्रकाशन से पहले मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन से सत्यापित करना उचित होगा।

फिलहाल अगले 24 से 48 घंटे उत्तर प्रदेश के लिए मौसम की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। पूर्वांचल और दक्षिणी जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। लगातार बारिश की स्थिति में नदियों, नालों और निचले इलाकों में जलस्तर पर नजर रखना जरूरी होगा।

मानसून की सक्रियता से बदला प्रदेश का मौसम

कुल मिलाकर बंगाल की खाड़ी से विकसित हुई मौसम प्रणाली ने उत्तर प्रदेश के मौसम को एक बार फिर बदल दिया है। जहां कुछ दिन पहले तक कई इलाकों में उमस और गर्मी महसूस की जा रही थी, वहीं अब बादल, बारिश और तेज हवाओं ने तापमान में गिरावट ला दी है। पूर्वांचल में बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना के साथ प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मौसम सुहावना रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने और भारी बारिश या तेज हवा के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा सकती है। आने वाले दो-तीन दिन यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि प्रदेश में मानसूनी बारिश का यह दौर कितनी व्यापकता और तीव्रता के साथ आगे बढ़ता है।