लखनऊ

लखनऊ हादसा: जहरीले धुएं ने ली अधिकतर छात्रों की जान, रोते-बिलखते परिवारों की एक ही मांग, दोषियों के घर पर चले बुलडोजर

Lucknow Coaching Fire: लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड में बड़ा खुलासा। KGMU के प्रोफेसर ने बताई मौतों की असली वजह। जानिए घायलों का हाल और क्यों उठ रही है बुलडोजर एक्शन की मांग। जानेें पूरी खबर...
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Jun 23, 2026
Lucknow Fire Health Update, Lucknow Building Fire News
लखनऊ अग्निकांड में KGMU के खुलासे के बाद जांच तेज | फोटो सोर्स- patrika.com

Lucknow SIT Investigation: लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग के बाद अब एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, इस हादसे में जिन बच्चों की जान गई है, उनमें से किसी की भी मौत आग में जलने से नहीं हुई है। सभी बच्चों की मौत दम घुटने की वजह से हुई थी। इस बीच अपनों को खो चुके परिवारों में भारी गुस्सा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि इस हादसे के जिम्मेदार बिल्डिंग मालिक के खिलाफ तुरंत बुलडोजर एक्शन की मांग की है।

'जलने से नहीं, जहरीले धुएं से थमीं सांसें'

अस्पताल (KGMU) के प्रवक्ता प्रोफेसर के.के. सिंह ने अस्पताल लाए गए बच्चों की स्थिति पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अधिकतर मौतें दम घुटने से हुई हैं। जब बिल्डिंग में आग लगी, तो वहां चारों तरफ घना और जहरीला धुआं भर गया। इसी धुएं के कारण बच्चों का दम घुट गया। डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल में कुल 22 बच्चों को लाया गया था, जिनमें से 5 बच्चों की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। इनमें से 5 बच्चों को हल्की-फुल्की चोटें आई थीं, जिन्हें इलाज के बाद घर भेज दिया गया है। वहीं, 2 बच्चे गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

'बिल्डिंग मालिक पर चले बुलडोजर', परिजनों ने की मांग

इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। मृतकों में शामिल एक होनहार युवक नीलेश को जब परिजनों ने अंतिम विदाई दी, तो वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गई। मृतक के परिवार वालों और पड़ोसियों का कहना है कि यह पूरा हादसा बिल्डिंग मालिक की लापरवाही की वजह से हुआ है। पीड़ितों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है कि दोषियों की इस अवैध इमारत पर तुरंत बुलडोजर चलाया जाए।

घटना पर ओपी राजभर ने जताया दुख

यूपी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इस हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि सरकार ने मामले को पूरी गंभीरता से लिया है। घटना की जांच के लिए एक SIT टीम गठित कर दी गई है, जो 7 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी। शुरुआती जांच में जिनकी भी लापरवाही सामने आई है, उन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।