लखनऊ

22 राजभरों की हत्या के पोस्टर पर बिफरे ओम प्रकाश राजभर, बोले- दम है तो कातिलों के नाम भी लिखो

OP Rajbhar News: यूपी की राजनीति में पोस्टर पर बवाल। सपा दफ्तर के बाहर राजभर समाज की हत्याओं का पोस्टर लगा, तो मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा- दम है तो कातिलों के नाम भी लिखो, जो ज्यादातर यादव हैं। जानें पूरा विवाद...
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May 27, 2026
UP Latest News, OP Rajbhar Poster Controversy
सपा के पोस्टर वाली राजनीति पर भड़के ओपी राजभर | फोटो सोर्स- IANS

OP Rajbhar News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर 'पोस्टर' को लेकर घमासान मच गया है। लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यालय के बाहर लगे एक विवादित पोस्टर को लेकर यूपी की सियासत गरमा गई है। इस पोस्टर में पिछले दो सालों (2024 से 2026) के दौरान राजभर समाज के लोगों की हुई हत्याओं का ब्योरा दिया गया है। इस पर योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अगर दम है, तो पोस्टर पर कातिलों के नाम भी लिखो, क्योंकि उनमें से ज्यादातर यादव हैं।

क्या है पोस्टर का पूरा विवाद?

लखनऊ में समाजवादी पार्टी के ऑफिस के बाहर सपा नेता पंकज राजभर ने एक बड़ा बैनर लगवाया है। इस बैनर पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है कि भाजपा सरकार में 2024 से 2026 के बीच में हुए राजभर समाज के लोगों की हत्याएं। इस पोस्टर में वाराणसी, बलिया, गाजीपुर, मऊ, जौनपुर, बाराबंकी और कुशीनगर समेत कई जिलों के करीब 22 राजभर समाज के मृतकों के नामों की सूची दी गई है।

इस पोस्टर में यूपी के अलग-अलग जिलों के करीब 22 राजभर समाज के लोगों के नाम लिखे हैं, जिनकी पिछले दो साल में हत्या हुई है। सपा इस पोस्टर के जरिए यह दिखाना चाहती थी कि बीजेपी राज में राजभर समाज सुरक्षित नहीं है, लेकिन खेल तब पलट गया जब इस पर खुद ओपी राजभर का बयान आ गया।

सपा दफ्तर के बाहर राजभर समाज की हत्याओं का पोस्टर लगा | फोटो सोर्स- X

ओपी राजभर का पलटवार, 'कातिल कौन है, यह भी बताओ'

सपा के इस दांव पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा नेताओं को घेरते हुए कहा कि हत्यारों के नाम क्यों छुपाए? राजभर ने कहा कि सपा के लोग सिर्फ लाशों की गिनती मत दिखाएं। यह भी बताएं कि इन लोगों को मारा किसने? बाराबंकी में एक गरीब राजभर लड़का बर्फ बेच रहा था, पैसे मांगने पर उसकी हत्या कर दी गई। मऊ और कौशाम्बी में भी ऐसी ही घटनाएं हुईं। उन्होंने आगे बोला कि अगर पोस्टर लगाने वालों में दम है, वो मर्द हैं, तो पोस्टर पर हत्यारों का नाम भी साफ-साफ लिखें। हर समाज में अच्छे-बुरे लोग होते हैं, लेकिन अगर सपा वालों में दम है, वो मर्द हैं, तो पोस्टर पर यह भी लिखें कि हत्या किसने की थी।

अखिलेश के PDA पर तंज, 'पहला दावा अहिर, वो भी सैफई वाले'

ओपी राजभर सिर्फ पोस्टर पर ही नहीं रुके, उन्होंने अखिलेश यादव के 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वाले नारे पर भी तंज कसा। राजभर ने आरोप लगाया कि अगर पिछड़ों और बहुजनों के नाम पर ठगी न हुई होती, तो आज सुभासपा जैसी पार्टी को बनाने की जरूरत ही नहीं पड़ती।

राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के PDA का असली मतलब है, 'पहला दावा अहिर' और वो भी सिर्फ सैफई परिवार का। आजमगढ़ का कोई आम यादव कभी सांसद नहीं बन सकता, वहां सिर्फ धर्मेंद्र यादव चुनाव लड़ेंगे। वोट सबको चाहिए, लेकिन कुर्सी सिर्फ सैफई वालों को मिलती है।"

उन्होंने सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि बदायूं से आदित्य यादव और कन्नौज से डिंपल यादव की जगह किसी राजभर, चौहान, निषाद, मौर्य या पाल समाज के नेता को टिकट क्यों नहीं दिया गया?

Updated on:
27 May 2026 01:54 pm
Published on:
27 May 2026 01:53 pm