लखनऊ

UP Panchayat Chunav Counting : यूपी की 58,175 ग्राम पंचायतों को कल मिलेंगे ‘प्रधान’

UP Panchayat Chunav Counting पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से किया इनकार, कहा- मतगणना केंद्रों पर कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से हो पालन

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May 01, 2021
UP Panchayat Chunav Counting
पल्स ऑक्सीमीटर से स्वस्थ पाए जाने के बाद ही उम्मीदवार और उनके एजेंट केंद्र पर एंट्री पा सकेंगे। मतगणना को लेकर चुनाव आयोग के पुख्ता इंतजाम हैं।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. UP Panchayat Chunav Counting. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यूपी पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav) की मतगणना का रास्ता साफ हो गया है। मतगणना दो मई को सुबह से आठ बजे से ही शुरू हो जाएगी। नतीजे देर रात तक आएंगे। काउंटिंग दो शिफ्टों में होगी। बचे वोटों की गिनती अगले दिन यानी तीसरे चरण में तीन मई को की जाएगी। जिला पंचायत सदस्य पद के लिए करीब 44,306, क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए 3,30,563 और ग्राम प्रधान के लिए 4,59,462 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, मतदाताओं ने जिनकी किस्मत ईवीएम में बंद कर दी है। जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्यों की पूरी तस्वीर तीन मई देर रात तक स्पष्ट होगी। मतदान केंद्रों पर कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाएगा। पल्स ऑक्सीमीटर से स्वस्थ पाए जाने के बाद ही उम्मीदवार और उनके एजेंट केंद्र पर एंट्री पा सकेंगे। मतगणना को लेकर चुनाव आयोग के पुख्ता इंतजाम हैं।

UP Panchayat Chunav में 75 जिलों में 58,175 ग्राम प्रधान, 7,32,485 ग्राम पंचायत वार्ड सदस्य, 75,852 बीडीसी और 3051 जिला पंचायत सदस्य वार्ड के पदों पर जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे जबकि, 13 जिला पंचायत सदस्य, 1819 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 236 ग्राम प्रधान निर्विरोध चुने जा चुके हैं। यूपी पंचायत चुनाव के नतीजों पर इस बार सबकी नजर है, क्योंकि पहली बार सूबे के सभी छोटे-बड़े राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक रखी है। कई पूर्व सांसद व विधायक और उनके परिजन भी चुनाव मैदान में हैं। राजनीतिक पार्टियां यूपी पंचायत चुनाव के नतीजों को आगामी विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल मानकर चल रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट से सशर्त अनुमति, नहीं निकाल सकते विजय जुलूस
शनिवार को यूपी पंचायत चुनाव की मतगणना रोके जाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए Supreme Court ने मतगणना कराने की अनुमति दे दी, लेकिन जीत के जश्न पर रोक लगा दी है। कहा कि राज्य सरकार और चुनाव आयोग की ओर से जो प्रोटोकॉल हमारे सामने रखा गया है, उसका पूरी तरह पालन हो। मतगणना केंद्रों के बाहर सख्त कर्फ्यू हो। किसी को भी विजय रैली निकालने की अनुमति नहीं दी जाये। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग से पूछा कि क्या मतगणना कराना जरूरी है। क्या उसको स्थगित नहीं किया जा सकताय़ मतगणना अगर तीन हफ्ते टाल दी जाये तो आसमान नहीं टूट पड़ेगा। इस पर चुनाव आयोग की ओर बताया गया कि मेडिकल एक्सपर्ट से बात करने के बाद काउंटिंग को कराने का फैसला लिया गया है। अगर मतगणना टली तो कोरोना महामारी के दौरान प्रदेश पांच लाख से ज्यादा निर्वाचित प्रतिनिधियों से प्रदेश वंचित हो जाएगा।

मतगणना केंद्रों पर एंटीजन टेस्ट, हर शिफ्ट के बाद सैनेटाइजेशन
Election Commission ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सिर्फ तापमान की जांच ही नहीं, बल्कि ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन लेवल चेक करने की भी व्यवस्था की गई है। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन किया जाएगा। हर मतगणना केंद्र पर एंटीजन टेस्ट का इंतजाम रहेगा। साथ ही यहां सैनिटाइजेशन का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इसके अलावा जिसमें भी कोरोना के लक्षण दिखेंगे, उसे एंट्री नहीं दी जाएगी। सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया कि मतगणना केंद्रों पर कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाएगा। कहा कि काउंटिंग के दौरान 8 घंटे की शिफ्ट होगी और हर शिफ्ट में अधिकारी बदले जाएंगे। इतना ही नहीं, हर शिफ्ट के बाद काउंटिंग सेंटर को सैनेटाइज किया जाएगा।

'इस भयंकर आपदा सभी कर रहे सामना'
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शिक्षक संगठन की तरफ से जानकारी दी गई है कि UP Panchayat Chunav के दौरान 700 से ज्यादा शिक्षकों की मौत हुई है। इस पर प्रदेश सरकार ने कहा कि जिन राज्यों में चुनाव नहीं हो रहे हैं, वहां भी कोरोना के मामले और मौतें बढ़ी हैं। कहा कि उत्तर प्रदेश जब पंचायत चुनाव शुरू हुए थे उस दौरान कोरोना कि दूसरी लहर नहीं आई थी। इस भयंकर आपदा हम सब सामना कर रहे हैं।

Updated on:
01 May 2021 07:17 pm
Published on:
01 May 2021 06:31 pm