विविध भारत

सामाजिक कुरीतियों के लिए आगे आया बिहार, बनाई 16 हजार किलोमीटर से लंगी मानव श्रृंखला

बिहार में 'जल-जीवन-हरियाली' अभियान के साथ नशा मुक्ति, बाल विवाह रोकथाम के लिए अनोखी पहल जागरूकता अभियान के तहत करीब सवा चार करोड़ से अधिक लोग बना रहे अनोखी मानव श्रृंखला

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नई दिल्ली। बिहार में 'जल-जीवन-हरियाली' ( Water-life-greenery ) अभियान के साथ नशा मुक्ति ( Deaddiction), बाल विवाह रोकथाम ( Child marriage prevention ) एवं दहेज प्रथा उन्मूलन को लेकर जागरूकता अभियान के तहत रविवार को अनोखी मानव श्रृंखला ( Human chain ) बन रही है।

राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक राज्य में करीब सवा चार करोड़ से अधिक लोग सुबह 11.30 बजे से 12 बजे तक एक-दूसरे का हाथ थामेंगे।

मानव श्रृंखला का मुख्य आयोजन पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होगा, जहां राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी भी कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं।

इनके अलावा सरकार के आला अधिकारियों का दल भी एक-दूसरे के हाथ से हाथ जोड़े कतारबद्घ हो रहे हैं। इस मानव श्रृंखला की तस्वीर लेने के लिए ड्रोन और हेलीकॉप्टर मंगवाए गए हैं।

शिक्षा विभाग के एक अधिकारी का दावा है कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर जन जागरूकता के लिए यह संभवत: दुनिया की सबसे बड़ी मानव श्रृंखला होगी।

राज्य सरकार की ओर से श्रृंखला के नोडल शिक्षा विभाग के साथ ही सभी जिलों ने तमाम तैयारियां पूरी कर ली गई है।

रविवार को सुबह से ही विभिन्न सड़कों पर स्कूली बच्चे एक-दूसरे के हाथ थामे खड़े हो गए हैं।

जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत बनी इस मानव श्रृंखला में 16 हजार किलोमीटर लंबी होने की उम्मीद है, जिसमें चार करोड़ 27 लाख से अधिक लोग हिस्सा ले रहे हैं।

मानव श्रृंखला को लेकर सुरक्षा के भी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले बिहार में शराबबंदी को लेकर जनजागरूकता अभियान के तहत 21 जनवरी 2017 को तथा 21 जनवरी 2018 को दहेज और बाल विवाह के खिलाफ भी मानव श्रृंखला बनाई गई थी।

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Updated on:
19 Jan 2020 12:22 pm
Published on:
19 Jan 2020 12:12 pm
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