
नई दिल्ली।निर्भया सामूहिक बलात्कार एवं हत्याकांड ( Nirbhaya Gangrape Case ) में चार दोषियों ( convicts ) की फांसी को लेकर अब 60 घंटे के करीब समय बचा है। 1 फरवरी की सुबह 6 बजे निर्भया के दोषियों को फांसी दे दी जाएगी। मुकेश के पास बचाव के अब तक के सभी विकल्प खत्म हो चुके हैं और उसकी फांसी का रास्ता साफ है।
इस बीच जो बड़ी खबर आ रही है वो ये कि अगर फांसी के 60 घंटे के पहले किसी भी बचे हुए दोषी ने राष्ट्रपति ( President ) के पास दया याचिका ( Mercy Petition) भेज दी तो फांसी आगे टल सकती है।
फिलहाल तिहाड़ जेल ( Tihar Jail ) में फांसी दिए जाने की पूरी तैयारी हो चुकी हैं। फांसी की सजा पाए 4 दोषियों के पुतलों को फांसी देने की औपचारिकता भी पूरी कर ली गयी है।
बचाव का मजबूत दांवपेंच बाकी
लेकिन निर्भया के हत्यारों के पास अभी भी एक मजबूत कानूनी दांव बचा हुआ हैं जिसके कारण माना जा रहा है कि एक बार फिर फांसी की तारीख को टालना पड़ सकता है।
3 दोषियों के पास कुल 8 विकल्प बाकी
निर्भया के चारों गुनहगारों में से अक्षय ठाकुर, पवन गुप्ता विनय शर्मा के पास अभी भी 8 कानूनी विकल्प बाकी हैं। इसमें से अक्षय ठाकुर ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में फांसी की सजा के खिलाफ क्यूरेटिव पिटीशन डालकर पहले विकल्प का इस्तेमाल कर लिया है।
अक्षय की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट खारिज करता है तो दूसरे विकल्प के तहत वह भी राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेज सकता है। राष्ट्रपति से खारिज होने के बाद तीसरे विकल्प के तौर पर अक्षय भी इसे दोबारा सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकता है।
अक्षय की तरह तीनों विकल्प पवन के पास भी बाकी हैं। अब तक कुल 6 विकल्प हुए। इसके अलावा विनय के पास दो विकल्प बाकी है क्योंकि उसके क्यूरेटिव पिटिशन का विकल्प पिछले महीने ही खारजि हो चुका है।
ऐसे में दोषियों के पास कुल 8 विकल्प बाकी जिसके जरिये फिलहाल फांसी की तारीख टल सकती है।
मुकेश को करना होगा इंतजार
जब तक ये तीनों दोषी अपने विकल्पों का इस्तेमाल नहीं कर लेते तब तक मुकेश को भी फांसी नहीं दी जाएगी।