
नई दिल्ली। कोरोना महामारी ( coronavirus ) के चलते जहां सरकार और लोगों के सामने जान बचाने की चुनौती है, वहीं लॉकडाउन ( Lockdown ) की वजह से देश की अर्थव्यवस्था ( Indian Economy ) और कई सेक्टरों को ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है।
ऐसे ही सेक्टरों में एक पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र ( Tourism and Hospitality Sector ) भी है, जिसको फिलहाल लॉकडाउन में छूट का इंतजार है।
दरअसल, कोरोना वायरस ( Coronavirus in india ) की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अगर केंद्र सरकार ( Modi Goverment ) लॉकडाउन बढ़ाती है तो पर्यटन सेक्टर ( Tourism Sector ) को कुछ छूट दिए जाने की उम्मीदें हैं।
ऐसा इसलिए कि लॉकडाउन 5.0 को लेकर राज्य सरकारों की ओर से केंद्र को दिए गए सुझावों में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए ढील भी शामिल है।
दरअसल, केरल, पुडुचेरी, गोवा समेत कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की अर्थव्यवस्थाएं पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर ही टिकी हुई हैं।
इन सब राज्यों और केद्रशासित प्रदेशों को केंद्र से लॉकडाउन के दौरान छूट मिलने की उम्मीद है, वहीं सरकार भी लॉकडाउन 5.0 के लिए होटल, रेस्त्रां, सी बीच आदि खोलने के उपायों पर मंथन कर रही है।
एक सीनिया आॅफिसर के अनुसार पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी पर निर्भर राज्य लॉकडाउन में संघर्ष कर रहे हैं।
ऐसे में अपना अस्तित्व बचाए रखने के लिए उन्होंने नियमों में ढील देने की मांग की है। केंद्र सरकार को राज्यों की ओर से दिए गए सुझावों में कर्मचारियों की संख्या को कम कर होटल, रेस्तरां, पर्यटन, आदि खोलने की अनुमति मांगी गई है।
इसके साथ ही सर्विस शुरू हो जाने पर सोशल डिस्टेंसिंग जैसे सुरक्षा उपाय भी अपनाने का आश्वासन दिया है।
राज्य सरकारों ने कहा है कि वो होटल आदि में कम संख्या में कस्टमरों को बैठने की क्षमता, कर्मचारियों का टेंपरेचर आदि मापने के लिए थर्मल मशीन और आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड कर काम की अनुमति दे सकते हैं।
राज्यों ने यह भी अनुरोध किया है कि इससे उनको आवश्यक राजस्व संग्रह बढ़ाने में मदद मिलेगी।