बॉम्बे हाईकोर्ट ( Bombay High Court ) ने दिया है आदेश, किराया ( Rent ) और डिपॉजिट ( Deposit ) के लिए आवेदन जमा कर रहे माहुल ( Mahul ) के लोग, अदालत के आदेश ( Order ) अनुसार 45 हजार ( 45000 ) डिपॉजिट के साथ हर महीने देना होगा 15 हजार ( 15000 ) रुपए किराया, अभी सभी लोगों ने जमा नहीं किया आवेदन ( Application )
मुंबई. बांबे हाईकोर्ट के आदेश अनुसार माहुल के लोगों ने 45 हजार रुपए डिपॉजिट और हर महीने 15 हजार रुपए किराया पाने के लिए बीएमसी के साथ ही राज्य सरकार के पास आवेदन जमा करना शुरू कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि 12 सप्ताह के भीतर प्रभावितों के लिए घर का इंतजाम किया जाए। ऐसा नहीं होने पर डिपॉजिट की रकम के साथ किराया देने का आदेश दिया था। मिली जानकारी अनुसार अभी तक सभी लोगों ने आवेदन नहीं जमा किया है।
बीएमसी की ओर से भी कोई पहल नहीं...
माहुल निवासी अनीता ढोले ने कहा ने कहा कि सरकार और बीएमसी को हमारी पीड़ा की जरा भी चिंता नहीं है। तभी तो हाईकोर्ट के आदेश पर अब तक अमल नहीं किया गया है। मेट्रो रेल का कारशेड बनाने के लिए आरे कॉलोनी में रातोंरात 2100 से ज्यादा पेड़ काट दिए गए। लेकिन, अदालत के आदेश के बावजूद माहुल के लोगों को घर देने के मामले में सरकार और बीएमसी की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है।
दो साल में 300 लोगों की मौत
ढोले ने आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों और पर्यावरण के खिलाफ काम कर रही है। ढोले ने यह भी दावा किया कि प्रदूषण के कारण विभिन्न बीमारियों के चलते दो साल के दौरान माहुल में तकरीबन 300 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।