मुंबई

Maha Election: कुर्ला विधानसभा में सीटिंग एमएलए के साथ रिकॉर्ड मुकाबला ?

कुर्ला विधानसभा ( Kurla Assembly ) क्षेत्र में तीसरे उम्मीदवार ( Candidate ) ने फंसा दिया पेंच, सीटिंग एमएलए ( Seating MLA ) के साथ रिकॉर्ड मुकाबला, करीब 2 लाख 90 हजार 486 कुल मतदाता, 1 लाख 64 हजार 559 पुरुष तो 1 लाख 25 हजार 927 महिला वोटर,2014 में शिवसेना ( ShivSena ) से मंगेश कुंडलकर हुए थे विजयी
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Oct 15, 2019
Maha Election: कुर्ला विधानसभा में सीटिंग एमएलए के साथ रिकॉर्ड मुकाबला ?
Maha Election: कुर्ला विधानसभा में सीटिंग एमएलए के साथ रिकॉर्ड मुकाबला ?

मुंबई. मुंबई उत्तर मध्य लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली कुर्ला विधानसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला रोचक होने जा रहा है। कुर्ला विधानसभा कुल मतदाता लगभग 2 लाख 90 हजार 486 हैं, जिसमें करीब 1 लाख 64 हजार 559 पुरुष तो 1 लाख 25 हजार 927 महिला वोटर हैं। इस सीट पर नेशनल कांग्रेस पार्टी का कब्जा रहा है। इंडियन नेशनल कांग्रेस के आरिफ नसीम ने 1999 से 2009 तक इस सीट पर काबिज रहे। इसके बाद 2009 में एनसीपी के मिलिंद कुंबले विधानसभा चुनाव जीते। फिर 2014 में शिवसेना से मंगेश कुंडलकर 41 हजार 580 मत पाकर 12 हजार 689 मतों से विजयी हुए थे। जबकी भाजपा के विजय बाबू राव कांबले 28 हजार 901 वोट पाकर दूसरे स्थान पर थे।

दिखाई दे रहा त्रिकोणीय मुकाबला...
अब एक फिर भाजपा, शिवसेना युति सीट पर फिर से मंगेश अनन्त कुंडालकर को उम्मीदवार बनाया है तो वहीं कांग्रेस ने मिलिंद भूपल कांबले को उम्मीदवार बनाया है। मनसे ने अप्पा साहेब अवचरे को उम्मीदवारी दी है, जबकि बहुजन समाज पार्टी ने नितिन गंगाराम भोसले को उम्मीदवार बनाया है। यहां त्रिकोणीय चुनावी मुकाबला दिखाई दे रहा है।

ऊपर रहता है क्राइम ग्राफ...
यहां एक तरफ बड़ी संख्या में स्लम है तो दूसरी तरफ काफी बीकेसी कारपोरेट हब के बगल होने के चलते काफी भीड़भाड़ वाला इलाका माना जाता है। वहीं समीप में एयरपोर्ट होने के नाते यहां लोगों का आवागमन काफी ज्यादा रहता है। धारावी के बाद मुंबई का एक बड़ा स्लम वर्ग इसी इलाके में है। यह अल्पसंख्यक बाहुल्य विधानसभा है। यहां एक तरफ मीठी नदी के चलते हर साल पानी भरता है तो दूसरी तरफ शौचालय की बड़ी समस्या है। सीमित शिक्षा और गरीबी के चलते यहां के युवक नशे की चपेट में जाने लगे हैं। इसलिए यहां का क्राइम ग्राफ काफी ऊपर रहता है ।

हॉकरों का बड़ा जमावड़ा...
विधानसभा में ज्यादातर बस्तियां स्लम हैं। इनमें हलाव पुल, सीएसटी रोड, कुर्ला कोर्ट रोड, बैल बाजार, कमानी, पाइप रोड जैसे क्षेत्र आते हैं, जिनके पास सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। इतनी बड़ी आबादी के लिए एक भी अच्छा या बड़ा सरकारी अस्पताल तक नहीं है। कुर्ला स्टेशन के सामने हॉकरों का बड़ा जमावड़ा लगा रहता है। जहां लोगों का चलना दूभर हो जाता है। कुछ हॉकरों का कहना है कि हम कई पीढ़ियों से यहां अपना रोजगार चला रहे हैं। ऐसे में हम कहां जाएं हमारी कोई सुनवाई नहीं है।

कुछ भी नहीं करते विधायक...
कुर्ला के कल्पना टाकीज के पास रहने वाली नियाज अहमद का कहना है कि यहां की स्तिथि बहुत खराब है। बरसात का पानी हमारी दुकान में भर जाता है। यहां की सड़कें बहुत ज्यादा खराब हैं। वहीं कुर्ला निवासी सुशीला चपलोत ने बताया कि हमारे इलाके में साफ-सफाई नहीं रहती है। साथ ही ट्रैफिक बहुत बड़ी समस्या है, विधायक कोई भी हो सिर्फ वादों के अलावा वे कुछ भी नहीं करते हैं।

Published on:
15 Oct 2019 11:19 am