
Muzaffarnagar Police Killed Criminal Satpal: मुजफ्फरनगर जिले में सिविल लाइन थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास मुठभेड़ में बदमाश सतपाल उर्फ सत्तू को मंगलवार को मार गिराया है। सतपाल पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। एक किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस सतपाल को काफी दिनों से तलाश कर रही थी।
पुलिस एनकाउंटर में मारा गया सत्तू मुंबई के छोटा राजन गैंग का सक्रिय सदस्य था और चंडीगढ़ के सेक्टर-31 थाने का हिस्ट्रीशीटर था। वह मूल रूप से मुजफ्फरनगर के पचेंडा गांव का निवासी था और चंडीगढ़ के राम दरबार में रहता था। सतपाल उर्फ सत्तू (50) शातिर अंदाज में किशोरियों का शिकार बनाता था।
शातिर हिस्ट्रीशीटर बदमाश सतपाल उर्फ सत्तू खुद को फौजी बताकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देता था। इसके बाद उनके परिवार की लड़कियों से जान-पहचान बनाता था। बाद में जान-पहचान का फायदा उठाकर लड़कियों का अपहरण कर लेता था। आरोपी के खिलाफ पश्चिमी UP के मुजफ्फरनगर, मेरठ, बरेली समेत कई जिलों में इस प्रकार के मामले दर्ज हैं।
मुजफ्फरनगर में 19 जून को तितावी थाना क्षेत्र में किशोरी के अपहरण की घटना हुई थी। इस घटना के बाद से पुलिस ने सत्तू की तलाश तेज कर दी थी। एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि सत्तू रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और सार्वजनिक स्थानों पर किशोरियों से संपर्क करता था और उनके घर जाकर परिवार को नौकरी का लालच देकर लड़की को अपनी गाड़ी में बिठा ले जाता था।
सत्तू का अतीत चौंकाने वाला है। वह 1996 में और बाद में मोहाली-जालंधर में दो बार रणजी ट्रॉफी खेल चुका था। उसने युवराज सिंह के साथ भी क्रिकेट खेला था और युवराज के पिता पर हमला करने का भी आरोप रहा है। गेंदबाजी में उसने कई इनाम जीते थे।
साल 2007 में सत्तू,चंडीगढ़ नगर निगम का पार्षद भी रह चुका था। 2010 में धागा लदे ट्रक लूट मामले में वह मेरठ जेल गया। जेल में रहते हुए भी वह क्रिकेट लीग में हिस्सा लेता रहा। उसकी पत्नी भी इस मामले में जेल गई थी। जेल से बाहर आने के बाद सत्तू ने अपनी पत्नी के प्रेमी को बहाने से लेकर चंडीगढ़ के समराला थाना क्षेत्र में हत्या कर दी। इस मामले में वह लुधियाना जेल पहुंचा।
लुधियाना जेल में रहते हुए 2024 में उसने कैंटीन का ठेका भी लिया था। वहां बीमारी का नाटक करके वह दो बार सिविल अस्पताल लाया गया। 6 फरवरी 2026 को तीसरी बार अस्पताल से पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था।
फरारी के दौरान उसने चंडीगढ़ के मेयर और अन्य लोगों पर फायरिंग की तथा मेरठ में रंगदारी भी मांगी थी। पुलिस के अनुसार सत्तू ने पत्नी की कार का इस्तेमाल कर पहले हत्या की घटना को अंजाम दिया था। जेल में उसने अपनी बेटी के यूपी में SDM बनने की झूठी खबर फैलाकर मिठाई बंटवाई थी।