राष्ट्रीय

बारुईपुर केस में नया मोड़, हत्या से पहले 10 हजार में 11 साल की बच्ची को बेचने की साजिश का पर्दाफाश

Baruipur बच्ची हत्याकांड की जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस अब तस्करी के एंगल की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, बच्ची को पहले 10,000 रुपये में तस्करी के लिए निशाना बनाए जाने की आशंका है। इसके बाद आरोपी ने उसका रेप और मर्डर कर दिया गया।
2 min read
Jul 08, 2026
Child Murder Case
बारुईपुर में 11 साल की बच्ची की हत्या (X Photo)

Baruipur Child Murder Case: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 11 साल की बच्ची हत्याकांड की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्ची की हत्या से पहले उसे 10 हजार रुपये में तस्करी के लिए अगवा करने की योजना बनाई गई थी। इसके बाद उसके साथ बलात्कार किया गया और उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। इस मामले में अब तक 5 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल एनकाउंटर में मारा गया। बारुईपुर का इलाका लंबे समय से मानव तस्करी का गढ़ माना जाता रहा है। इस घटना ने कानून-व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य आरोपी एनकाउंटर में ढेर

वारदात सामने आने के कुछ ही घंटों में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी बाद पुलिस रात में घटनास्थल पर मामले की दोबारा जांच करने गई तो उस समय प्रभाष मंडल ने एक पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्टल छीन ली, फायरिंग की और भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें उसकी मौत हो गई।

बच्ची को तस्करी के लिए किया था अगवा

जांच एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि एक आरोपी ने कबूल किया कि बच्ची को शुरू में तस्करी के मकसद से उठाया गया था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह सिर्फ एक छोटा गिरोह था या बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा। दक्षिण 24 परगना जिले का बारुईपुर इलाका लंबे समय से मानव तस्करी का हॉटस्पॉट रहा है। गरीबी और कमजोर सुरक्षा का फायदा उठाकर यहां कई गिरोह सक्रिय हैं।

5 FIR, 25 गिरफ्तारियां

इस पूरे मामले में अब तक 5 FIR दर्ज हो चुकी हैं। मुख्य मुकदमा बलात्कार और हत्या का है। बाकी FIRs में इलाके में हुई हिंसा, तोड़फोड़, पुलिस पर हमला, आरपीएफ पर हमला और एक निर्दोष व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डालने के मामले शामिल हैं।। वहीं सीएम सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया था कि वह व्यक्ति निर्दोष था। पुलिस ने अब तक 25 लोगों को इन मामलों में गिरफ्तार किया है।

बारुईपुर क्यों बार-बार खबरों में?

दक्षिण 24 परगना का बारुईपुर इलाका लंबे समय से मानव तस्करी के संवेदनशील क्षेत्रों में गिना जाता है। राज्य और केंद्र की जांच एजेंसियां पहले भी यहां सक्रिय तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या बच्ची को शुरू से ही बेचने के इरादे से अगवा किया गया था या वारदात के दौरान तस्करी की साजिश बनाई गई।

बारुईपुर हॉरर ने एक बार फिर बंगाल में कानून व्यवस्था और बच्चियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोग गुस्से में हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।

Updated on:
08 Jul 2026 06:20 pm
Published on:
08 Jul 2026 06:20 pm
Also Read
View All