Arvind Kejriwal News: दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और अन्य आरोपियों को बरी किए जाने के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बैंच के नहीं बैठने के कारण मामले को टाल दिया गया है।
Arvind Kejriwal News: दिल्ली के चर्चित आबकारी घोटाला मामले में एक बार फिर कानूनी अड़चन सामने आई है। ट्रायल कोर्ट से पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित 22 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को सीबीआई ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। सोमवार को इस महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई होनी थी, लेकिन संबंधित बेंच के न बैठने के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी।
सोमवार को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच के न बैठने के कारण इस केस की सुनवाई टाल दी गई। इससे पहले 8 मई को हुई सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि उन्हें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक के प्रतिनिधियों की सहमति का इंतजार है। कोर्ट ने इस जटिल मामले में कानूनी सहायता के लिए तीन 'एमिकस क्यूरी' न्याय मित्र नियुक्त करने का भी निर्देश दिया था।
इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक ने हाईकोर्ट की सुनवाई का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया। इन नेताओं ने न तो खुद और न ही किसी वकील के माध्यम से अपनी दलीलें पेश करने की बात कही है। आरोपियों ने हाईकोर्ट को पत्र लिखकर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि उन्हें इस बेंच पर भरोसा नहीं है, इसलिए वे 'सत्याग्रह' का रास्ता अपनाएंगे।
इससे पहले 20 अप्रैल को जस्टिस शर्मा ने सीबीआई की याचिका पर सुनवाई से हटने की केजरीवाल की मांग को सिरे से खारिज कर दिया था। उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि वह किसी भी आरोप या दबाव से प्रभावित हुए बिना अपना फैसला सुनाएंगी। जस्टिस शर्मा ने अपने 34 साल के न्यायिक करियर का हवाला देते हुए निष्पक्ष न्याय का भरोसा दिलाया था।
सीबीआई ने निचली अदालत के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें केजरीवाल और अन्य आरोपियों को राहत दी गई थी। अब कोर्ट को यह तय करना है कि क्या आरोपियों की अनुपस्थिति और उनके बहिष्कार के बीच 'एमिकस क्यूरी' की मदद से सुनवाई को आगे बढ़ाया जा सकता है या नहीं।