
नोएडा। पूरी दुनिया में आज यानी 5 अगस्त को फ्रेंडशिप-डे मनाया जा रहा है। फ्रेंडशिप-डे अगस्त के पहले संडे को मनाया जाता है। कुछ दोस्त ऐसे भी होते हैं, जो जीवनसाथी बन जाते हैं अौर उनकी कहानी लोगों के लिए मिसाल बन जाती है। हम भी आपको एक ऐसे ही खास शख्स की कहानी बताते हैं, जिन्होंने मजहब की दीवार तोड़कर पहले तो हिंदू युवती से दोस्ती की और फिर उनसे शादी की।
अाज भी मजबूत है प्रेम का बंधन
हम बात कर रहे हैं भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी। उनकी प्रेम कहानी आज भी युवाओं को प्रेरित करती है। मुख्तार अब्बास नकवी की पत्नी का नाम सीमा है। इन दोनों ने उस दौर में एक-दूसरे से दोस्ती के बाद प्रेम विवाह किया था, जब ऐसा सोचना भी मुश्किल होता था। 1983 से लेकर आज तक यह प्रेमी जोड़ा किसी मिसाल से कम नहीं है। दोनों के बीच प्रेम का बंधन आज भी मजबूत है।
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में हुई थी मुलाकात
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करते समय मुख्तार अब्बास नकवी की मुलाकात सीमा से हुई। उस समय नकवी छात्र नेता के रूप में उभर रहे थे, जबकि सीमा पढ़ाई में लगी हुई थीं। पहले दोनों में दोस्ती हुई और फिर यह दोस्ती प्यार में बदल गई लेकिन इनके लिए यह सफर आसान नहीं था। दोनो के घरवाले उनके प्यार के खिलाफ थे। धर्म अलग होने के कारण दोनों के प्यार पर पहरा भी लगा। सीमा के घरवाले शुरू में तैयार नहीं हुए। यही नहीं उन पर मुख्तार नकवी से मिलने पर रोक भी लगाई गई। बताया जाता है कि सीमा एक्सट्रा क्लास के बहाने मुख्तार अब्बास नकवी से मिलती थीं। हालांकि, बाद में इनके प्यार के अागे घरवालों को झुकना पड़ा।
तीन तरीके से हुई थी शादी
3 जून 1983 को दोनों की शादी हुई। लेकिन यह भी अनोखे तरीके से हुई। मुख्तार अब्बस नकवी ने पहले तो सीमा से कोर्ट मैरिज की। इसके बाद दोनों ने निकाह किया और फिर सात फेरे लिए। मतलब दोनों ने तीन तरीकों से शादी की। अब दोनों ही एक दूसरे के त्योहार को बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं। जहां ईद पर जमकर सिवई बनती है, वहीं दिवाली पर दीयों से घर जगमगाता है। मुख्तार अब्बास नकवी तो महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर जल भी चढ़ा चुके हैं। दोनों का अरशद नाम का एक बेटा भी है। एक बार सीमा नकवी ने भी स्वीकार किया था कि उन्हें आज तक एहसास ही नहीं हुआ कि उनकी शादी गैर मजहब में हुई है।