
नोएडा। गोरखपुर व फूलपुर उपचुनाव हारने के बाद भाजपा के लिए नाक का सवाल बन चुके कैराना अौर नूरपुर उपचुनाव के लिए पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इसके लिए भाजपा के अध्यक्ष राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी राष्ट्रीय लोकदल के गढ़ बागपत में 30 मार्च को पहुंचेंगे। वहां वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के समीकरण को समझेंगे और मंत्रियों व विधायकों से मुलाकात कर उपचुनाव और लोकसभा चुनाव को लेकर बातचीत करेंगे। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपचुनाव से पहले उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। हालांकि, अभी उपचुनाव की तारीखें तय नहीं हुई हैं लेकिन माना जा रहा है कि ये अप्रैल के आखिरी में हो सकते हैं।
15 अप्रैल को आएंगे मोदी
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 15 अप्रैल को रालोद मुखिया अजित सिंह के घर बागपत पहुंचेंगे। यहां वह ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। बताया जा रहा है कि उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बागपत के पास एक रैली को भी संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि इस रैली के जरिए मोदी कैराना व नूरपुर उपचुनाव और लोकसभा चुनाव के लिए बिगुल बजा सकते हैं। किसानों के गढ़ बागपत में यह उनका पहला दौरा होगा। जानकारों का मानना है कि इस दौरान पीएम जाट लैड में किसानों को साधने की कोशिश करेंगे। इसके जरिए वह सपा और बसपा गठबंधन को मात देने की भी कोशिश करेंगे।
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कैराना सीट पर राजनीतिक दलों की नजर
भाजपा सांसद हुकुम सिंह के निधन के बाद खाली कैराना सीट पर अब सभी राजनीतिक दलों की नजर है। भाजपा इस सीट से हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को टिकट दे सकती है। वहीं, बसपा और सपा के गठबंधन के बावजूद मायावती ने उपचुनाव में किसी भी भागेदारी से इंकार कर दिया है। इस सीट से रालोद के जयंत चौधरी के चुनाव लड़ने की चर्चा चल रही है। बताया जा रहा है कि इसके लिए रालोद सपा और बसपा के गठबंधन का हिस्स बनने को भी तैयार है। उधर, इस सीट से सपा से भी कुछ दावेदार सामने आए हैं। कैराना के साथ ही बिजनौर की नूरपुर विधानसभा सीट पर उपुचनाव होना है। यह सीट भाजपा विधायक लोकेंद्र सिंह चौहान की मौत के बाद खाली हुई थी।