
Dhurandhar vs Pathaan: इन दिनों देश में एक मुद्दा जोर पकड़ा हुआ है और वो है 'धुरंधर'। जी हां, आदित्य धर द्वारा निर्देशित फिल्म धुरंधर बॉक्स ऑफिस पर तो कमाल कर ही रही है, लेकिन अब ये राजनितिक गलियारों में भी बहस का मुद्दा बन गई है। एक तरफ जहां दर्शक 'धुरंधर' पर जमकर प्यार लुटा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ इसे मात्र ‘प्रोपेगेंडा’, ‘नेशनलिज्म’ और ‘एंटी-पाकिस्तान नैरेटिव’ बता रहे हैं। हालांकि, इसके किरदार और घटनाएं असल किरदारों और घटनाओं से प्रेरित हैं। फिर चाहे वो अक्षय खन्ना का रहमान डकैत का किरदार हो या फिर डेनिश पंडोर का उजैर बलोच का किरदार। ऐसे ही 2023 में एक फिल्म आयी थी 'पठान' जिसमें शाहरुख खान ने एक अंदर कवर एजेंट का किरदार निभाया था। उस दौरान इस फिल्म को भी दर्शकों का खूब प्यार मिला था, वहीं इस पर कई विवाद भी हुए थे, जिनके चलते फिल्म के कुछ सीन्स को हटाना भी पड़ा था। तो आईये आज धुरंधर और पठान का एक तुलनात्मक विश्लेषण करते हैं। और जानते हैं कि कौन सी फिल्म किस पर भारी है?
आदित्य धर निर्देशित 'धुरंधर' सत्य घटनाओं पर आधारित एक गैंगस्टर क्राइम ड्रामा फिल्म है, जिसमें पाकिस्तान एक कुख्यात ल्यारी इलाके और उसकी कहानी को दिखाया गया है। धुरंधर को एक रियलिस्टिक टोन दी गई है। वहीं, सिद्धार्थ आनंद की पठान एक हाई-ऑक्टेन स्पाई थ्रिलर फिल्म है जिसको स्टाइलिश ट्रीटमेंट के साथ परोसा गया है।
साल 2023 में आई 'पठान' एक स्पाई थिलर एक्शन फिल्म है, जिसकी कहानी एक एक्स-अंडर कवर एजेंट, पठान (शाहरुख खान) पर केंद्रित है। पठान जो एक बड़े आतंकी हमले को लिए लौटता है। और उसके सामने खड़ा है एक एक्स रॉ एजेंट, जिम (जॉन अब्राहम), जो अपना बदला लेने के लिए एक खतरनाक ग्रुप बनाता है और इसमें उसका साथ देती है ISI एजेंट रुबाई (दीपिका पादुकोण) ये तीनों मिलकर फिल्म को एक रोमांचक स्पाई थ्रिलर बनाते हैं। जबकि 'धुरंधर' की कहानी सत्य घटनाओं पर आधरित है. इसमें 26/11 मुंबई अटैक, पाकिस्तानी डॉन रहमान डकैत, उजैर बलोच, असलम चौधरी, इलियास कश्मीरी जैसे असल जिंदगी के किरदारों को दिखाया गया है, जिनके सामने खड़ा है हमजा अली मझारी (रणवीर सिंह)। फिल्म एक स्पाई की कहानी है जो देश के दुश्मनों से देश पर हुए आतंकी हमलों का बदला लेता है। देखा जाए तो पठान की कहानी काल्पनिकता से भरपूर है, वहीं, धुरंधर असलियत के पात्रों की कहानी कह रही है।
धुरंधर में एक नहीं कई मुख्य किरदार हैं, चाहे वो रणवीर सिंह का जासूसी किरदार हमजा अली मझारी हो, अक्षय खन्ना का रहमान डकैत हो अर्जुन रामपाल का इलियास कश्मीरी हो या फिर संजय दत्त का एसपी असलम चौधरी हो की भूमिका हो। धुरंधर में हर किरदार हीरो है, यहां हीरो नाच नहीं रहा है, वो कहानी कह रहा है। जबकि 'पठान' में पठान (शाहरुख खान) और रुबाई (दीपिका पादुकोण) और जिम (जॉन अब्राहम) एक अपने अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए आमने-सामने खड़े हैं, जो इसे हाई-ऑक्टेन स्पाई थ्रिलर बनाते हैं।
धुरंधदर में मार-धाड़ है, खून-खराबा है जो आपको विचलित कर सकता है। वहीं, पठान के फाइट सीन्स पर बहुत पैसा खर्च किया गया। इसके फाइट सीन्स हॉलीवुड फिल्मों लगते हैं. इसमें हवाई फाइट है लोग हवा में उड़ रहे हैं और एक-दूसरे पर वार कर रहे हैं. इसमें VFX का भरपूर इस्तेमाल किया गया है। जबकि इसके उलट मगर धुरंधदर के फाइट सीन्स ग्राउंडेड और रियलस्टिक हैं।
पठान का खलनायक जिम (जॉन अब्राहम) जो खुद एक भारतीय रॉ एजेंट रहा है और अपने ही देश के खिलाफ बड़े हमले की तैयारी कर है। वो अपने ही देश से बदला लेना चाहता है उसके पास अताह पैसा है। वहीं, 'धुरंधर' में एक नहीं कई खलनायक है, जिनमें सबसे खतरनाक है रहमान डकैत (अक्षय खन्ना) का किरदार। वो एक कुख्यात गैंगस्टर है, जो पाकिस्तान में बैठकर हिंदुस्तान पर हमलों 26/11, कंधार हाईजैक, संसद पर हमले की साजिश रचता है। वो रियलस्टिक है। इसके अलावा, मेजर इक़बाल, उजैर बलोच जैसे खूंखार विलेन्स ने फिल्म को और भी रियलस्टिक बना दिया है।
धुरंधर के किरदार असल जिंदगी लोगों से मेल खाते हैं, चाहे वो रहमान डकैत हो या मेजर इकबाल या उजैर बलोच की भूमिका में डेनिश पंडोर। ये सभी पाकिस्तान के कुख्यात आतंकी और गैंस्टर के किरदारों को बखूबी पेश किया गया है। जिस पर लोगो दो गुटों में बंट गए हैं। एक गुट के हिसाब से फिल्म इस्लाम विरोधी है तो एक गुट का कहना है कि फिल्म में जो दिखाया गया है वो इस्लाम विरोधी नहीं बल्कि आतंक का विरोधी है। वहीं, पठान फिल्म में दिहये गए गाने बेशर्म रंग… और एक दो सीन को सनातन विरोधी बताते हुए विवादों का सामना करना पड़ा था. इसके चलते मेकर्स को कुछ सीन्स हटाने भी पड़े थे।
अगर बॉक्स ऑफिस पर दोनों फिल्मों की तुलना की जाए तो धुरंधर 300 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है। फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है की अपने दसवें दिन तक धुरंधर 370 करोड़ का आंकड़ा पार कर लेगी। वहीं, ओवर ऑल देखा जाए तो पठान ने 1,050.30 करोड़ रुपये की कमाई की थी। और अगर बात की जाए 10 दिनों की कमाई की तो पठान ने 10 दिनों में 378.15 करोड़ रुपये की कमाई कर ली थी। इसलिए ये कहना गलत नहीं होगा कि 'धुरंधर', 'पठान' को कमाई के मामले में कड़ी टक्कर दे रही है।
अगर दोनों फिल्मों की तुलना की जाये तो जहां पठान एंटरटेनमेंट का फुल पैकेज है, वहीं, धुरंधर एक रियल और क्वालिटी कंटेंट और गहराई भरी गैंगस्टर ड्रामा स्टोरी है। जहां पठान में रोमांस है, नाच गाना है, वहीं, धुरंधर एक स्पाई की कहानी है जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी और सवाल भी खड़े करेगी। दोनों ही फिल्में अपने अपने जॉनर और लेवल में बेहतरीन फिल्में हैं।