Indian Vs Pakistani Film Industry: साल 2025 भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए काफी शानदार रहा, खासतौर पर बॉलीवुड के लिए. इस साल करीब 37 फिल्मों ने 100 करोड़ का आंकड़ा पार किया। लेकिन अगर बात की जाए पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री की तो भारत की एक फिल्म का बजट पाकिस्तान की फिल्मों की कुल कमाई से भी ज्यादा होता है। भारतीय और पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री में क्या फर्क है और क्यों है आज के इस आर्टिकल में हम इस पर ही बात करेंगे।
Indian Vs Pakistani Film Industry: 5 दिसंबर, 2025 को रिलीज हुई फिल्म 'धुरंधर' बीते 42 दिनों से बॉक्स ऑफिस पर कमाई के झंडे गाड़ रही है। वर्ल्डवाइड 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई करने के साथ ही 'धुरंधर' सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बन गई है। अब आपको बता दें कि भारतीय सिनेमा की इस एक फिल्म ने अकेले इतनी कमाई कर ली है, तो पूरे साल में रिलीज हुई फिल्मों की कमाई कितनी होगी सोचा है। चलिए कोई बात नहीं हम आपको बता देते हैं कि 2025 में 1500 से ज्यादा फिल्में रिलीज हुईं, जिनकी कमाई का टोटल लगभग 13,397 करोड़ रुपये था।
जब 'धुरंधर' फिल्म रिलीज हुई तो पाकिस्तान में खलबली मच गई, वजह थी फिल्म में दिखाई गई सच्चाई। फिल्म में पाकिस्तान के ल्यारी इलाके की खुनी कहानी, रहमान डकैत की दहशत और मेजर इक़बाल की क्रूरता के साथ-साथ मुंबई अटैक का सच सब कुछ दिखाया गया और पाकिस्तान की पोल खोल दी। सच्चाई देखकर फिल्म को पाकिस्तान समेत 6 देशों (मिडिल ईस्ट कंट्रीज) में बैन कर दिया गया। मगर फिर पाकिस्तानियों ने चोरी-छिपे मोबाइल फोन पर फिल्म देखी और फिल्म की तारीफ भी की। अगर सोचा जाए तो पाकिस्तान में बॉलीवुड फिल्मों का बहुत क्रेज रहता है। फिल्में तो पाकिस्तान में भी बनती हैं, लेकिन वहां की फिल्मों की इतनी चर्चा क्यों नहीं होती? क्या आपके मन में भी कभी ये सवाल आया है? आज इस आर्टिकल में हम इंडियन फिल्म इंडस्ट्री और पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री का एक तुलनात्मक विश्लेषण करने जा रहे हैं।
फिल्म जगत का इतिहास (History of Indian and Pakistani Film Industry) सदियों पुराना है, और आपको बता दें दुनिया की सबसे पहली फिल्म साल 1888 में आई थी, जिसका नाम 'राउंडहे गार्डन सीन (Roundhay Garden Scene)' था। इसे फ्रांसीसी आविष्कारक लुई ले प्रिंस (Louis Le Prince) ने बनाया था। इसकी अवधि मात्र 2.11 सेकंड ही थी।
अब ये बताने की जरूरत तो है नहीं कि भारतीय और पाकिस्तानी फिल्म उद्योग बंटवारे से पहले तो एक ही थे। और 1947 से पहले, अविभाजित भारत में फिल्म निर्माता, लेखक, संगीतकार और अभिनेता बिना किसी भेदभाव और धर्म के फिल्मों के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते थे। हालांकि, बंटवारे के बाद भारतीय और पाकिस्तानी सिनेमा की सोच और रास्ते अलग हो गए। और अब जब विभाजन को लगभग 80 साल होने वाले हैं और दोनों ही देशों की फिल्म इंडस्ट्री में ज़मीन- आसमान का फर्क है। ये फर्क सिर्फ फिल्मों के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर नहीं बल्कि कहानी, फिल्मांकन, OTT के नजरिये से भी है।
आइए पिछले 1 साल में हिंदुस्तानी और पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री के बीच के अंतर को कुछ पॉइंट्स में समझते हैं।
भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए साल 2025 काफी शानदार रहा। 2025 में इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में तकरीबन 1500 फिल्में रिलीज हुईं, जिनमें 'छावा', 'कांतारा चैप्टर 1', 'कुली', 'महावतार नरसिम्हा', 'एक दीवाने की दीवानीयत', 'थामा' और 'धुरंधर' जैसी फिल्मों के नाम शामिल हैं। वहीं, इसी साल पाकिस्तान में 10-12 फिल्में रिलीज हुईं, जिसमें ज्यादातर Eid या बड़े त्योहारों पर केंद्रित रहीं।
बॉक्स ऑफिस के नजरिये से देखा जाए तो भी पाकिस्तान-भारत से काफी पीछे है। बीते एक साल में जहां कई भारतीय फिल्मों ने पैन इंडिया और वर्ल्डवाइड 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की, वहीं पाकिस्तान में फिल्मों का एवरेज बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 45-50 करोड़ रुपये तक ही रहा। और अगर पूरे साल के कुल कलेक्शन की बात की जाए तो भारत में ये आंकड़ा लगभग 20 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा रहा। देखा जाए तो ये फर्क दोनों देशों के सिनेमाघरों, फिल्मों की संख्या, उनके बजट और वर्ल्डवाइड रिलीज पर भी निर्भर करता है।
| क्रम संख्या | फ़िल्म का नाम | भाषा | वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन |
|---|---|---|---|
| 1 | धुरंधर | हिंदी | 1300+ करोड़ रुपये |
| 2 | कांतारा: चैप्टर 1 | कन्नड़ | 852 करोड़ रुपये |
| 3 | छावा | हिंदी | 808 करोड़ रुपये |
| 4 | सैयारा | हिंदी | 570 करोड़ रुपये |
| 5 | कूली | तमिल | 518 करोड़ रुपये |
| 6 | वॉर 2 | हिंदी | 364 करोड़ रुपये |
| 7 | महावतार नरसिंह | हिंदी | 327 करोड़ रुपये |
| 8 | लोकाह: चैप्टर 1 – चंद्रा | मलयालम | 304 करोड़ रुपये |
| 9 | दे कॉल हिम ओजी | तेलुगु | 295 करोड़ रुपये |
| 10 | हाउसफुल 5 | हिंदी | 289 करोड़ रुपये |
| क्रम संख्या | फ़िल्म का नाम | शैली/बैरियर | अनुमानित बॉक्स ऑफिस कलेक्शन |
|---|---|---|---|
| 1 | लव गुरु (Love Guru) | रोमांटिक कॉमेडी | 80 करोड़ (वैश्विक) / PKR ~45 करोड़ (स्थानीय) पाकिस्तानी रुपये |
| 2 | दीमक (Deemak) | हॉरर / फ़ैमिली ड्रामा | 21 करोड़+पाकिस्तानी रुपये |
| 3 | आशिकाबाद (Aashiqabad) | रोमांस / ड्रामा | 35.6 करोड़ पाकिस्तानी रुपये |
| 4 | तय्यब (Tayab) | एक्शन | 70.2 करोड़ पाकिस्तानी रुपये |
| 5 | बाबा का हक़ (Baba Ka Haq) | सामाजिक ड्रामा | 48.3 करोड़ पाकिस्तानी रुपये |
| 6 | ज़मीनदार (Zamindar) | ग्रामीण ड्रामा | 30.8 करोड़ पाकिस्तानी रुपये |
| 7 | थे मार्शल आर्टिस्ट (The Martial Artist) | एक्शन | आंकड़े उपलब्ध नहीं |
| 8 | वेलकम टू पंजाब (Welcome to Punjab) | सांस्कृतिक/फेस्टिवल फ़िल्म | बॉक्स ऑफिस डेटा उपलब्ध नहीं |
अगर कंटेंट और जॉनर पर बात की जाए तो 2025 में भारत में रोमांटिक, एक्शन, ऐतिहासिक, माइथोलॉजी, हॉरर, कॉमेडी, सामाजिक मुद्दे सभी जॉनर पर फिल्में बनी। वहीं, कंटेंट पर भी बेहतरी से काम किया गया। हालांकि, पाकिस्तान में रोमांटिक और सामाजिक ड्रामा के अलावा हॉरर और कॉमेडी फिल्मों पर भी फोकस किया गया।
आजकल लोग OTT पर फिल्में और वेबसीरीज देखना बहुत पसंद करते हैं।और देखा जाए तो थियेटर में रिलीज होने के बाद ज्यादातर फिल्में अब OTT प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होती हैं। वहीं, कुछ फिल्में डायरेक्ट ओटीटी पर ही रिलीज होती हैं। ऐसे में अधिकतर भारतीय फिल्में Netflix, Amazon Prime Video, Disney+ Hotstar, JioCinema, Zee5, SonyLIV जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होती हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर के 190 देशों में ओटीटी के माध्यम से हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, बंगाली कंटेंट भी देखा जा रहा है। जबकि इसके उलट बड़े-बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म्स (Netflix और Amazon Prime) पर उपलब्ध पाकिस्तानी फिल्मों की संख्या काफी कम है। जिसके चलते पाकिस्तानी कंटेंट के वर्ल्डवाइड पहुंच काफी कम है।
अब अगर दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म इंडस्ट्रीज की बात की जाए तो उसमें भी पाकिस्तान का कहीं नाम नहीं है, जबकि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की बॉलीवुड, टॉलीवुड, कॉलीवुड, मॉलीवूड, सैंडलवुड के नाम इस लिस्ट में शामिल हैं।
| क्रम संख्या | फिल्म इंडस्ट्री | अनुमानित कुल 2025 बॉक्स ऑफिस कलेक्शन (रुपये में) | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 1 | हॉलीवुड (Hollywood) | लगभग 1,30,000+ करोड़ (अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सबसे बड़ा) | दुनिया की सबसे बड़ी फ़िल्म इंडस्ट्री (ग्लोबल मानचित्र पर) |
| 2 | बॉलीवुड (Bollywood) | लगभग 5600 करोड़ (भारत आधारित हिंदी सिनेमा) | भारतीय फिल्म इंडस्ट्री का मुख्य हिस्सा |
| 3 | टॉलीवुड (Tollywood / Telugu) | लगभग 2,500 करोड़ (तेलुगु सिनेमा) | दक्षिण भारत की सबसे बड़ी क्षेत्रीय इंडस्ट्री में से एक |
| 4 | कोलिवुड (Kollywood / Tamil) | लगभग 2,200 करोड़ (तमिल सिनेमा) | दक्षिण के प्रसिद्ध बड़े बाज़ारों में से एक |
| 5 | मोलिवुड (Mollywood / Malayalam) | लगभग 1,800 करोड़ (मलयालम सिनेमा) | उच्चतर दर्जे की लोकल और क्रिटिकल हिट फिल्मों वाला बाज़ार |
| 6 | सैंडलबुड (Sandalwood / Kannada) | लगभग 1,400 करोड़ (कन्नड़ सिनेमा) | दक्षिण भारत में उभरती बाज़ार वाली इंडस्ट्री |
| 7 | चाइनीज़ सिनेमा (China Film Industry) | लगभग 40,000+ करोड़ (चीन) | चीन विश्व के बड़े फिल्म बाज़ारों में से एक है (अन्य स्रोतों के अनुसार) |
| 8 | जापानी फिल्म इंडस्ट्री | लगभग 11,000+ करोड़ | जापान का घरेलू सिनेमा बड़ा बाज़ार है (अन्य वैश्विक बॉक्स ऑफिस रिपोर्टों से अनुमानित) |
| 9 | कोरियाई फिल्म इंडस्ट्री (South Korea) | लगभग 3,300+ करोड़ | दक्षिण कोरिया की फिल्में घरेलू और विदेशी रूप से लोकप्रिय हैं |
| 10 | रूसी फिल्म इंडस्ट्री | लगभग 3,000+ करोड़ | रूस में घरेलू फ़िल्में बाज़ार में बड़ा योगदान देती हैं |
ऊपर दिए गए आंकड़ों को देखकर ये कहना गलत नहीं होगा कि हर बात पर हिंदुस्तान से बराबरी की बात करने वाला पाकिस्तान फिल्म उद्योग में भी कहीं पीछे है। और दोनों देशों के बीच का ये अंतर सिर्फ कमाई पर ही नहीं है बल्कि कलाकारों, कंटेंट, बजट, टेक्निक आदि का भी है।
ये भी पढ़ें