
Chhattisgarh Prisoners Release: स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने जेलों में बंद उम्रकैद की सजा काट रहे 101 बंदियों को बड़ी राहत दी है। राज्य की पांच केंद्रीय जेलों से पात्र बंदियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय से पहले रिहा किया जा रहा है। जेल महानिदेशक (डीजी) हिमांशु गुप्ता के अनुसार यह निर्णय बंदियों के अच्छे आचरण, अनुशासन और सुधारात्मक गतिविधियों में उनकी भागीदारी के आधार पर लिया गया है। अब तक 13 और 14 अगस्त को 94 बंदियों को रिहा किया जा चुका है, जबकि शेष 7 बंदियों की रिहाई 17 और 18 अगस्त को की जाएगी।
जेल विभाग के मुताबिक समय पूर्व रिहाई केवल उन्हीं बंदियों को दी जाती है जिन्होंने जेल में रहते हुए अनुशासन का पालन किया, अच्छा व्यवहार रखा और सुधारात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की। सभी मामलों की निर्धारित नियमों के अनुसार समीक्षा के बाद ही रिहाई का निर्णय लिया गया।
राज्य की पांच केंद्रीय जेलों में बिलासपुर केंद्रीय जेल से सबसे अधिक 29 उम्रकैदियों को रिहा किया गया। इनमें 13 अगस्त को 14 और 14 अगस्त को 15 बंदी जेल से बाहर आए। रिहाई से पहले सभी कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की गईं तथा बंदियों को भविष्य में कानून का पालन करते हुए सामान्य जीवन जीने की सलाह दी गई।
राजधानी रायपुर स्थित केंद्रीय जेल से 23 बंदियों को समय से पहले रिहा किया गया। इनमें 13 अगस्त को 9 और 14 अगस्त को 14 बंदियों को रिहाई मिली। जेल विभाग के अनुसार प्रत्येक बंदी के व्यवहार, रिकॉर्ड और सुधारात्मक गतिविधियों का मूल्यांकन करने के बाद ही यह निर्णय लिया गया।
दुर्ग केंद्रीय जेल से 21, अंबिकापुर केंद्रीय जेल से 16 और जगदलपुर केंद्रीय जेल से 5 बंदियों को रिहा किया गया। अंबिकापुर में 13 और 14 अगस्त को 8-8 बंदियों को रिहाई मिली, जबकि जगदलपुर में 13 अगस्त को ही पांच बंदी जेल से बाहर आए।
जेल विभाग के अनुसार रिहाई की प्रक्रिया अभी जारी है। 17 और 18 अगस्त को 7 और पात्र बंदियों को रिहा किया जाएगा। इसके बाद राज्य की पांचों केंद्रीय जेलों से समय पूर्व रिहा होने वाले उम्रकैदियों की कुल संख्या 101 हो जाएगी।
जेल डीजी हिमांशु गुप्ता ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर पात्र बंदियों को विशेष राहत देने का उद्देश्य सुधार की भावना को प्रोत्साहित करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा में दोबारा शामिल होने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि समय पूर्व रिहाई पूरी तरह निर्धारित नियमों और पात्रता के आधार पर ही दी जाती है।