रायपुर

CGMSC Recruitment Scam: पुराने कर्मचारियों की छंटनी, नई भर्ती में कमीशनखोरी का आरोप

Chhattisgarh Medical Services Corporation: CGMSC में प्लेसमेंट और आउटसोर्सिंग भर्ती को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। पुराने कर्मचारियों की छंटनी, नई नियुक्तियों और वेतन निर्धारण में कथित अनियमितताओं के साथ कमीशनखोरी के आरोप लगाए गए हैं।
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Aug 17, 2026
CGMSC Recruitment Scam
CGMSC Recruitment Scam: पुराने कर्मचारियों की छंटनी(photo-patrika)

CGMSC Recruitment Scam: छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) में प्लेसमेंट कर्मचारियों की भर्ती और आउटसोर्सिंग व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से कर्मचारियों की नियुक्ति में कथित तौर पर कमीशनखोरी की जा रही है। कुछ कर्मचारियों ने दावा किया है कि पुराने कर्मचारियों को हटाकर उनकी जगह नए लोगों की नियुक्ति की जाती है और वेतन निर्धारण में भी अनियमितता बरती जाती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

CGMSC Recruitment: पुराने कर्मचारियों को हटाकर नई भर्ती का आरोप

कर्मचारियों के मुताबिक, कई विभागों में स्थायी या सीधी भर्ती नहीं होने का फायदा उठाकर आउटसोर्सिंग व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा रहा है। आरोप है कि नए अधिकारी के आने के बाद पहले से कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों को हटाकर नए लोगों को रखने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। दावा किया गया है कि कुछ मामलों में कर्मचारियों का चयन योग्यता या आवश्यकता के बजाय कथित सिफारिश और लेनदेन के आधार पर किए जाने के आरोप हैं। इससे लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा होने की बात कही जा रही है।

प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए कमीशनखोरी का आरोप

आरोपों के अनुसार, CGMSC में विभिन्न कार्यालयों और जिलों में कर्मचारियों की नियुक्ति मेनपावर एजेंसियों के माध्यम से की जाती है। कर्मचारियों का दावा है कि कुछ एजेंसियों के जरिए नियुक्ति, वेतन और कर्मचारी अपग्रेडेशन की प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं हो रही हैं।

यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ कर्मचारियों को नियमों के विपरीत अधिक वेतन पर अपग्रेड किया गया और इसके बदले कथित तौर पर कमीशन लिया गया। इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच होने पर वास्तविक स्थिति सामने आने की बात कही जा रही है।

हर महीने करोड़ों के नुकसान का दावा

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के कारण शासन को हर महीने बड़ी आर्थिक क्षति हो रही है। कुछ मामलों में ऐसे कर्मचारियों के नाम पर भुगतान किए जाने का भी दावा किया गया है, जिनकी वास्तविक उपस्थिति और काम की जांच किए जाने की जरूरत है। आरोपों में यह भी कहा गया है कि प्लेसमेंट एजेंसियों को भुगतान जारी करने से पहले कर्मचारियों की वास्तविक नियुक्ति, उपस्थिति और कार्यस्थल की जांच की जानी चाहिए।

नए कार्यालय और रिनोवेशन खर्च पर भी सवाल

CGMSC के नए कार्यालय को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि मंडी बोर्ड में करीब 11.50 लाख रुपए प्रतिमाह की दर से कार्यालय लिया गया है और उसकी साज-सज्जा पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए। शिकायतकर्ताओं ने इन खर्चों और संबंधित टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

इसी तरह नए अध्यक्ष के आने के बाद कार्यालय के रिनोवेशन और शपथ ग्रहण समारोह में हुए खर्च को लेकर भी कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की जांच होने पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति और संविदा पर भी सवाल

शिकायत में CGMSC में प्रतिनियुक्ति और संविदा पर कार्यरत कुछ अधिकारियों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कुछ अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने के बावजूद वे पद पर बने हुए हैं। इन मामलों की शिकायत मंत्री और विभागीय अधिकारियों से किए जाने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ताओं ने प्रतिनियुक्ति अवधि, संविदा नियुक्ति और संबंधित आदेशों की जांच की मांग की है।

दूसरे विभागों में भी आउटसोर्सिंग भर्ती का दावा

शिकायत में CGMSC के अलावा नगरीय निकाय, श्रम विभाग और अनुसूचित जाति-जनजाति विभाग में भी आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि इन विभागों में भी नए अधिकारियों के आने के बाद पसंदीदा लोगों को नियुक्त करने की कोशिश की जाती है।

रायपुर से लेकर अन्य जिलों के कार्यालय जांच के दायरे में

CGMSC के रायपुर, भिलाई, दुर्ग और राजनांदगांव सहित अन्य जिलों के कार्यालयों में भी प्लेसमेंट कर्मचारियों की नियुक्ति एजेंसियों के माध्यम से होने की बात सामने आई है। शिकायतकर्ताओं ने इन सभी कार्यालयों में नियुक्त कर्मचारियों की सूची, वेतन भुगतान, उपस्थिति और एजेंसियों को किए गए भुगतान का ऑडिट कराने की मांग की है।

निष्पक्ष जांच से सामने आएगी वास्तविकता

प्लेसमेंट भर्ती, एजेंसियों को भुगतान, कर्मचारियों के वेतन और कार्यालय से जुड़े खर्चों पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। यदि दस्तावेजों और भुगतान रिकॉर्ड की जांच कराई जाती है, तो कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। साथ ही, जांच में आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का रास्ता भी साफ होगा।

Updated on:
17 Aug 2026 01:44 pm
Published on:
17 Aug 2026 01:42 pm